शामली। नगर पालिका कैराना के बाद अब ऊर्जा निगम में भी पीएफ के नाम पर घोटाले की आशंका है। जिलेभर के 955 आउटसोर्स कर्मचारियों का पिछले पांच माह से पीएफ नहीं दिया जा रहा। पांच माह का 80.95 लाख रुपया कर्मचारियों का फंसा हुआ है। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने मामले का पता लगने पर जांच बैठा दी है। उन्होंने जांच के बाद जल्द कार्रवाई की बात कही है।
दरअसल, हर माह ऊर्जा निगम में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों को मानदेय के साथ-साथ पीएफ का रुपया भी दिया जाता है। कुशल लाइनमैन और अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों को हर माह पीएफ के 2100, जबकि अकुशल कर्मचारियों को 1700 रुपये दिए जाते हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों ने जिलाधिकारी से मामले की शिकायत करते हुए पीएफ के नाम पर जिले में 80.95 लाख के घोटाले का आरोप लगाया था। मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी ने कमेटी गठित कर दी है। अब जल्द ही कार्रवाई हो सकती है।
इन मामलों से समझिए... किस तरह हड़पी गई आउटसोर्स कर्मचारियों के पीएफ की राशि
केस-1
कमालपुर बिजलीघर पर रविंद्र कुशल लाइनमैन के पद पर तैनात है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच माह से उन्हें 10500 रुपये का पीएफ नहीं दिया गया है। बार-बार मांग के बावजूद रुपया नहीं दिया जा रहा। मेहर एंटरप्राइजेज पर कर्मचारियों को पीएफ देने की जिम्मेदारी है। आर्थिक परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।
केस-2
गढ़ीपुख्ता में परिचालक के पद पर तैनात ललित कुमार ने बताया कि उसका मानदेय 11946 है, जबकि पीएफ का 10500 रुपया पांच माह से नहीं दिया जा रहा। मांगने पर हर बार आश्वासन देकर चलता कर दिया जाता है।
केस-3
अंकुश कुमार इस्सोपुर टील बिजलीघर पर लाइनमैन के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि पांच माह से न तो मानदेय दिया गया, न ही पीएफ की राशि दी जा रही है। मानदेय और पीएफ नहीं मिलने से परेशानी हो रही है।
-जिले के आउटसोर्स कर्मचारियों के पीएफ नहीं देने का मामला संज्ञान में है। डाटा एंट्री के कारण भी कुछ दिक्कत आने की बात कही जा रही है। जल्द ही सभी को पीएफ का रुपया दिलवा दिया जाएगा। प्रयास रहेगा कि किसी को भी परेशानी नहीं होने दी जाए।
-वीरेंद्र कुमार, अधीक्षण अभियंता ऊर्जा निगम शामली
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पीएफ नहीं देने के मामले में जांच बैठाई गई है। आउटसोर्स कर्मचारियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी
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सभी कर्मचारियों का पीएफ का रुपया जमा कराया जा रहा है। जल्द ही सभी के पास रुपया पहुंच जाएगा। देरी कैसे हुई, इसकी जांच कराई जाएगी।
-हिमांशु कुमार, मैनेजर, मेहर इंटरप्राइजेज
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होगा आंदोलन
विद्युत कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र कुमार व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष ललित सिंह का कहना है कि पीएफ के नाम पर जिले में बड़ा घोटाला किया गया है। मामले को लेकर 13 अक्तूबर को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।
कैराना में पकड़ में आ चुका पीएफ घोटाला
शामली। कैराना में बीती 27 सितंबर को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी समीर कुमार कश्यप ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि सात दिन पूर्व सफाई कर्मचारी सुभाष चंद्र व उनकी पत्नी कमलेश ने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि नगर पालिका के लिपिक विपुल पंवार ने उनकी पीएफ धनराशि अपनी पत्नी सोनिया और भाभी मीना देवी के खाते में जमा करा ली थी। जांच में यह भी सामने आया था कि आरोपी लंबे समय से नगर पालिका के कई कर्मचारियों की पीएफ राशि धोखाधड़ी करके अपने परिजनों के खातों में स्थानांतरित करा रहा था। पुलिस ने विपुल पंवार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। मामले की जांच चल रही है।