कांधला। हिंदू महासभा नेता के आपत्तिजनक बयान के खिलाफ नगर में मुस्लिम समाज के लोगों ने रेलवे रोड स्थित राजकीय स्कूल के पास प्रदर्शन किया। नगर के मुख्य मार्गों से होकर नारेबाजी करते हुए मदरसों के बच्चे भी वहां पहुंचे तथा पुतला फूंका। इसके बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की मांग की।
बृहस्पतिवार पूर्वाह्न करीब 10 बजे राजकीय बालिका इंटर कालेज के पास मुस्लिम समाज के हजारों लोग इकट्ठा हुए। पालिकाध्यक्ष वाजिद हसन ऊर्फ बबला, पूर्व पालिकाध्यक्ष हाजी इस्लाम, मौलाना मजहर, मौलाना अरशद, मौलाना राशिद, हाजी सादिक सहित अन्य लोगों ने विचार रखे। प्रदर्शन में कस्बे व देहात के कई मदरसों के बच्चों सहित देहात के भी हजारों लोग शामिल हुए। इनके हाथों में नारे लिखी तखतियां थीं।
अध्यक्षता कर रहे मौलाना एहतराम उल हसन ने कहा कि कुछ लोग हमारे भाईचारे व शांति को तोड़ना चाहते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ शासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मौलाना महराज ने अखिल भारतीय हिंदू महासभा पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने के साथ ही कहा कि इस्लाम किसी भी धर्म की बुराई करने की इजाजत नहीं देता है। ऐसे लोगों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए, जो मजहब पर टिप्पणी करते हैं।
बाद में उलेमा ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एसडीएम कैराना को ज्ञापन सौंपा। संचालन मौ. मजहर ने किया। मौ. बदर, मौ. राशिद, मौ.मुफ्ती अरशद, मो. अली कैराना, मौ. बदरूल हुदा, मौ. अशरारूल हक, शाकैब अख्तर, हाजी माजिद, हाजी अनीस उर्फ टोला सहित हजारों मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे ।
विरोध-प्रदर्शन के दौरान बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष देवीदास जयंत और कांग्रेस नेता डाक्टर रश्मि कांत जैन ने कहा कि किसी भी धर्म पर कोई टिप्पणी करना गलत है। एडवोकेट नवेद जंग, एडवोकेट अनिवेष वर्मा, अमित गर्ग, डाक्टर नितिन मलिक और अमन मित्तल आदि लोग मौजूद रहे । प्रदर्शन के दौरान कस्बे के बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। सुबह से दोपहर एक बजे तक इक्का-दुक्का दुकानें ही खुलीं। दोपहर बाद बाजार पूरी तरह खुला, लेकिन तब ग्राहकों की आवाजाही नहीं हुई।