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आशंकाओं से घिरे रहे लोग, रंगाई-पुताई से बनाई दूरी

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आशंकाओं से घिरे रहे लोग, रंगाई-पुताई से बनाई दूरी
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शामली। दिवाली पर इस बार कोरोना का साया रहा। घरों को रंग-रोगन से चमकाने वाले लोगों ने अबकी बार परहेज किया। इसका असर यह भी रहा कि पेंट कारोबार पिछले वर्ष के मुकाबले 50 प्रतिशत तक नीचे गिर गया।
संगल पेंट्स से अजय कुमार बताते हैं कि पेंट्स की बिक्री पिछले साल के मुकाबले आधी रही है। इसके पीछे कई वजह हैं। कोरोना का प्रकोप, संक्रमण की आशंका और लॉकडाउन में कारोबार प्रभावित रहने से लोग परेशान रहे हैं। अग्रवाल ट्रेडर्स के मदन मोहन अग्रवाल बताते हैं कि त्योहार को लेकर लोगों में पहले जैसा उत्साह नहीं है। इस बार लोगों ने घरों में साफ-सफाई, तो की लेकिन रंगाई-पुताई जैसे खर्चीले और समय लेने वाले काम को टालना ही बेहतर समझा।
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केस एक : रेल पार निवासी रामपाल सिंह के परिवार के दो लोग एक महीने पहले कोरोना संक्रमित मिले थे। दोनों को पूरी तरह ठीक होने पर 20 से 25 दिन लग गए। पूरा परिवार संक्रमण को लेकर सदमे में रहा। इसलिए न तो घर पर रंग-रोगन हो सका और न ही दिवाली की कुछ खास तैयारियां हो पाईं।
केस दो : हलवाई की दुकान करने वाले आर्यपुरी अनुज कुमार का कारोबार लॉकडाउन में ज्यादा अच्छा नहीं रहा। वह कहते हैं कि दिवाली पर घर में रंग-रोगन कराना था। करीब डेढ़ लाख का इस्टीमेट बना। बजट अधिक हो जाने से इस बार रंग-रोगन का इरादा टाल दिया।
केस तीन : माजरा रोड पर किराना की दुकान करने वाले राजेश शर्मा कहते हैं कि उनके मकान पर पांच साल से रंग-रोगन नहीं हुआ। इस बार कराना चाहते थे, लेकिन परिजनों ने यह कहते हुए टाल दिया कि बाहरी लोगों की आवाजाही रहेगी। कहीं कोरोना का संक्रमण न हो जाए।
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दो हजार से ज्यादा घरों में मिले कोरोना संक्रमित
जिले में अब तक 2951 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं, जबकि 27 लोगों की मौत हुई है। इन परिवारों के रिश्तेदार एवं आसपास के लोगों में भी कोरोना का खौफ पसरा रहा। लोग मानसिक रूप से इतने परेशान रहे कि उनमें त्योहारों को लेकर खास उत्साह नहीं दिखाया।
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