फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंदगी और जलभराव से बेहाल हुए लोग

विज्ञापन
चौसाना क्षेत्र के गांव गढी हसनपुर में मन्दिर के सामने भरा पानी। - फोटो : SHAMLI
विज्ञापन
चौसाना। गढ़ी हसनपुर में स्थित मां नवदुर्गा सिद्धपीठ प्राचीन मंदिर अपनी मान्यता और भव्यता के लिए नहीं बल्कि अपने आसपास फैली गंदगी और रास्तों की बदहाली को लेकर चर्चा में है। गांव से बाहर बने मंदिर में संकीर्ण गलियों से होकर जाना पड़ता है। पानी की निकासी नहीं होने के कारण करीब पांच वर्षों से यहां कीचड़ और गंदगी के अंबार लगे हैं। मां के भवन के बिल्कुल सामने नालियों से निकलने वाला गंदा पानी जमा हो गया है। न तो ग्राम पंचायत और न ही कोई अन्य अधिकारी इस समस्या का समाधान करा सका है।
विज्ञापन

ऊन ब्लाक मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर उत्तर दिशा में स्थित ग्राम गढ़ी हसनपुर में के नवदुर्गा मंदिर में चैत्र मास की अमावस्या को मेले का आयोजन होता है। दूर-दूर से लोग मां के दर्शनों को आते हैं। गांव से मंदिर की ओर जाने वाली गलियां बहुत छोटी हैं। इन गलियों में पुराने खड़ंजे लगे हैं। घरों से निकलने वाला गंदा पानी निकासी नहीं होने के कारण मां के भवन के सामने जमा रहता है। इससे मंदिर पहुंचने वाले भक्तों को समस्या का सामना करना पड़ता है। अक्सर श्रद्धालुओं के फिसलकर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं।
--------------
बोले ग्रामीण...
गंदगी के कारण लोगों ने मंदिर आना तक बंद कर दिया। मंदिर की भव्यता खराब हुई है। मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर जिला स्तर पर तक पर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का निदान नहीं हुआ। ग्राम प्रधान को भी लगातार समस्या से अवगत कराते रहते हैं। - नाथीराम, कार्यवाहक अध्यक्ष, मंदिर समिति
विज्ञापन

------------
गढ़ी हसनपुर के प्राचीन मंदिर की अपनी मान्यता है। जिला पंचायत को ग्राम पंचायत के अंदर विकास कराने की अनुमति नहीं है। मैंने अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान 150 मीटर सीसी सड़क का निर्माण कराया था। जिला पंचायत के अधिकारियों से बात कर वहां की गंदगी को दूर करने का प्रयास करेंगे। - पंजाब सिंह, जिला पंचायत सदस्य
-------------
वह मंदिर की गली में ही रहते हैं। गंदगी के कारण यहां रहना मुश्किल हो गया है। कई बार जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन जिस अधिकारी को जांच दी जाती है वह ब्लॉक में या ग्राम प्रधान के पास बैठकर जांच पूरी कर देता है। अभी भी शिकायत की है और पानी निकासी का उपाय भी अपनी शिकायत में बताया है लेकिन कुछ नहीं हुआ। - अभिषेक
-------------
गंदगी को लेकर कई बार शिकायत की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अधिकारी प्रधान के पास आते हैं। मौका स्थिति को नहीं देखा जाता। शिकायत पर कभी बजट तो कभी प्रस्ताव आदि की रिपोर्ट लगाकर निस्तारण की इतिश्री कर दी जाती है। - मोहनी सिंह
-------------
गंदगी से सब लोग परेशान हैं। उच्चाधिकारियों को इससे अवगत करा रखा है। जेई ने एस्टीमेट भी बनाया है जिसके अनुसार तीन-चार सड़कों को ऊंचा करके निर्माण कराना होगा, करीब चार फीट का मिट्टी भराव होगा। तब जाकर पानी का रास्ता बन सकेगा। मोहल्ले के भी कुछ लोग इसमें अड़ंगा लगाते हैं। - रणधीर सिंह, ग्राम प्रधान
मंदिर के पास गंदगी की जानकारी है। 20 लाख का प्रस्ताव होने के कारण सड़क व नाली का निर्माण करा पाना संभव नहीं। शिकायत मिलने के बाद जेई, डीपीआरओ के साथ निरीक्षण किया था। तकनीकी मुआयना करने के बाद जेई ने ही एस्टीमेट तैयार किया। समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। - अनुज कुमार, ग्राम सचिव
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें