सख्त कार्रवाई नहीं होने पर एसपी कार्यालय पर पहुंचे बलहेडा गांव के लोग। सोशल मीडिया
झिंझाना। गांव बलहेड़ा से अपहरण के बाद व्यक्ति को रेत में दबाने के मामले में पुलिस की लापरवाही से पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। पीड़ितों ने पुलिस पर आरोपियों को गिरफ्तार कर शांति भंग की मामूली धाराओं में चालान कर खानापूर्ति करने का आरोप लगाया है। पीड़ितों ने घर के बाहर पलायन लिख दिया है। पीड़ित पक्ष और अन्य लोग सोमवार को कार्रवाई की मांग को लेकर गले में तख्तियां डालकर एसपी कार्यालय पर पहुंचे। एसपी से कार्रवाई की मांग की।
पीड़ितों का कहना था कि आरोपियों ने पहले जितेंद्र का अपहरण किया और फिर बंधक बनाकर मारपीट करते हुए जिंदा दफनाने की कोशिश की थी। इसके बावजूद पुलिस सख्त कार्रवाई नहीं कर रही। दिए शिकायती पत्र में बल्हेड़ा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले घर से जितेंद्र को धोखे से बुलाकर गांव के ही सद्दाम व अन्य ने जितेंद्र को बंधक बनाया था और फिर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे रेत में दबाकर हुए मौके से भाग गए थे। उसका आधा शरीर रेत के अंदर जबकि आधा बाहर था। आरोप है कि पुलिस मामले में खानापूर्ति कर रही है। अब उन्हें लगातार धमकी दी जा रही है। पुलिस के सुनवाई नहीं करने के कारण अब घरों पर उन्होंने पलायन की बात लिख दी है। गले में टांगी तख्ती पर लिखा था कि दबंगों के कारण पलायन।
हालांकि एसपी ने पीड़ितों की बात सुनी और एसओ झिंझाना को कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।