झिंझाना में ऊन मार्ग से गुजरते ओवर लोड वाहन। संवाद
झिंझाना। सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड वाहन लोगों के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। विभाग की लापरवाही और अनियमित जांच के चलते लोग हर समय हादसों के डर में जी रहे हैं।
मेरठ-करनाल हाईवे और लिंक रोड पर रेत, मिट्टी, पराली तथा घरेलू सामान से लदे ओवरलोड डंपर और ट्रैक्टर तेज रफ्तार से गुजरते हैं। इससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और यात्रियों की जान जोखिम में है। वहीं, बिना नंबर प्लेट वाले कई वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
कस्बे वासियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा कभी-कभार की गई कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। यदि ओवरलोड वाहनों पर नियमित कार्रवाई की जाए तो सड़क हादसों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
दवा व्यापारी विपिन रुहेला ने बताया कि सुबह-शाम डंपरों का दबदबा इतना रहता है कि सड़क पार करना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार छोटे बच्चों को बचाते-बचाते लोग गिर चुके हैं।
शामली एआरटीओ रोहित राजपूत का कहना है कि जल्द ही ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। प्रयास रहेगा कि लोगों को भी परेशानी नहीं होने दी जाए। पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।