झिंझाना। हजरत इमाम नासीरुद्दीन के 859वें उर्स पर मंगलवार रात मुकाबला-ए-कव्वाली का आयोजन धूमधाम से किया गया।
कव्वाली का आगाज सुमन पुनिया, अमजद अल्वी और बाबर कुद्दूसी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। आयोजन स्थल पर देर रात तक भीड़ रही और शायरों ने अपने कलाम से श्रोताओं को सुबह तक बांधे रखा। उर्स में आयोजित मुकाबला-ए-कव्वाली का मुख्य आकर्षण रामपुर की महिला शायरा जेबा रानी रियासत और नजीबाबाद के शाने आलम के बीच हुआ रोमांचक मुकाबला रहा।
दोनों शायरों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए, जिनमें सामाजिक भाईचारे और इंसानियत का संदेश साफ झलकता रहा। शायरों ने अपने अंदाज में कहा कभी मंदिर पर जा बैठे, कभी मस्जिद पर जा बैठे, देखो हमसे अच्छी तो परिंदों की जात है।
इस दौरान मौजूद श्रोताओं ने रातभर कव्वाली का भरपूर आनंद लिया और तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। मेले में भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा और महिला पुलिसकर्मियों को भी सक्रिय रूप से ड्यूटी में लगाया गया।
मुकाबला-ए-कव्वाली के अवसर पर शान मियां, असलम मलिक, सफदर अल्वी, फैसल, नादिर अली, उस्मान, बाबर अली, अमजद अली, इकराम सभासद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।