मेरी आवाज सुनोजलालाबाद में मकान की छत पर बैठे बंदर। संवाद
जलालाबाद। कस्बे में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालत यह है कि लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। बंदरों के झुंड घरों में घुसकर सामान में तोड़फोड़ कर रहे हैं, कपड़े उठा ले जाते हैं और रसोई में घुसकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। यहां तक कि लोगों पर हमला कर रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है।
लोगों का कहना है कि कई बार बंदरों के झुंड आधी रात को छतों और घरों में पहुंच जाते हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हाल के दिनों में कई लोग बंदरों के हमलों में घायल भी हो चुके हैं। डर के कारण बच्चों ने बाहर खेलना बंद कर दिया है।
बबली सैनी ने बताया कि दिन तो छोड़िए अब रात में भी छत पर जाने में डर लगता है। बंदर रसोई में घुस आते हैं और उन्हें भगाने की कोशिश करने पर हमला कर देते हैं। उन्होंने कहा कि बंदरों के कारण बच्चों और परिवार की सुरक्षा चिंता का विषय बन गई है।
लक्ष्मी देवी ने बताया कि घर की रसोई में बंदर खिड़की और दरवाजों से अंदर घुसकर खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं। ऐसे में घर में सामान सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है।
बबीता देवी का कहना है कि सुबह-शाम छत पर टहलना भी मुश्किल हो गया है। बंदरों के झुंड को देखकर डर लगने लगा है। उन्होंने बताया कि बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब वे लोगों पर हमला भी करने लगे हैं।
मंजू सैनी ने बताया कि पहले लोग घरों के बाहर बैठकर समय बिताते थे, लेकिन अब बंदरों के डर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। बंदरों के कारण घरों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
लोगों की परेशानी को देखते हुए जल्द ही विशेष अभियान चलाकर बंदरों को पकड़वाया जाएगा ताकि कस्बेवासियों को राहत मिल सके। - जयवीर शर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत