संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में बुखार के सामान्य मरीजों को प्राइवेट लैब और अस्पतालों के पैथोलॉजिस्ट डेंगू बताकर डराने का खेल कर रहे हैं।
मरीजों से 600 से 1500 रुपये तक की वसूली की जा रही है। जिले की प्राइवेट लैब ने मरीजों को डेंगू पॉजिटिव बताया, जबकि मरीजों ने सरकारी अस्पताल में जांच कराई तो उनमें वायरल बुखार की पुष्टि हुई। डीएम ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
n कोरे कागज पर रिपोर्ट : मरीजों ने आरोप लगाया कि कई जगह न तो सही रिपोर्ट दी जाती है और न ही लैब की मोहर लगी होती है। प्लेटलेट्स काउंट को दिखाकर मौखिक रूप से ही डेंगू पॉजिटिव बताया जाता है।
n प्लेटलेट्स कम होना मतलब डेंगू नहीं : जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर आहूजा ने कहा कि प्लेटलेट्स कम होने का अर्थ डेंगू होना नहीं है। यदि प्लेटलेट्स 10 हजार तक भी पहुंच जाएं तो भी सही उपचार और लिक्विड डाइट से 24 घंटे में उन्हें बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 50 से 60 हजार प्लेटलेट्स होने पर ही लोग घबरा जाते हैं और प्राइवेट अस्पताल वाले इसी डर का फायदा उठाते हैं।
n स्वास्थ्य विभाग का रुख : जिला अस्पताल में प्रतिदिन 200 से 250 डेंगू और मलेरिया की जांच हो रही हैं।
इनमें अधिकांश मरीज वायरल से ग्रस्त पाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में अब तक केवल एक मामला ही डेंगू पॉजिटिव आया है।