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Shamli News: पानीपत पुलिस ने रिमांड अवधि पूरी होने पर नोमान को न्यायालय में किया पेश

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शामली/कैराना। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में 12 दिन पहले गिरफ्तार कैराना निवासी नोमान इलाही की पुलिस कस्टडी रिमांड अवधि शनिवार को पूरी हो गई। पानीपत पुलिस ने नोमान को पानीपत एसीजेएम न्यायालय में पेश कर दिया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की आईएसआई ने भारत में अपने जासूसी नेटवर्क को सक्रिय कर दिया था। 13 मई को हरियाणा के पानीपत जिले की सीआईए फर्स्ट टीम ने कैराना के मोहल्ला बेगमुपरा निवासी नोमान इलाही को पानीपत से गिरफ्तार कर लिया था। नोमान पर व्हाट्सएप चैट के जरिए पंजाब व कश्मीर बार्डर पर जाने वाली सेना की ट्रेन के फोटो व अन्य सामरिक इलाकों के फोटो आईएसआई हैंडलर इकबाल काना को भेजने का आरोप है।
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में नोमान इलाही को पानीपत पुलिस ने 14 मई को न्यायालय में पेश कर गहन पूछताछ व जांच के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड मांगा था। न्यायालय ने सात दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड स्वीकृत किया था। 20 मई को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पानीपत पुलिस ने न्यायालय में उसे पेश किया और फिर से चार दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड ले लिया था।
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पुलिस ने आरोपी नोमान से पूछताछ की। बताया गया है कि पुलिस और जांच एजेंसियों को इस बात के साक्ष्य मिले हैं, जिसमें नोमान इलाही भारत की सेना की मूवमेंट पाकिस्तान में आईएसआई हैंडलर इकबाल काना को भेजता था। शनिवार को चार दिन की रिमांड अवधि पूरी होने पर पानीपत पुलिस ने नोमान इलाही को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पानीपत के न्यायालय में पेश कर दिया। न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

- नोमान के भाइयों के बारे में जानकारी जुटा रही पुलिस

कैराना। पानीपत पुलिस द्वारा पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में कैराना के मोहल्ला बेगमपुरा निवासी नोमान इलाही गिरफ्तार किया था। नोमान के दो बड़े भाई भी हैं। इनके बारे में स्थानीय पुलिस गहनता से जांच करने में जुटी है। नोमान इलाही का पिता अहसान इलाही 90 के दशक में पाकिस्तान जाने वालों के लिए कमीशन पर पासपोर्ट बनवाता था। उसी दौरान अहसान इलाही व इकबाल काना के बीच दोस्ती हो गई थी। 1995 में दिल्ली में पिस्टलें पकड़े जाने के बाद इकबाल काना पाकिस्तान भाग गया था जबकि अहसान पासपोर्ट बनवाने के काम तक ही सीमित रहा था।
अहसान इलाही के तीन बेटे हैं, जिनमें सबसे बडा अशरफ इलाही दिल्ली में लाल किला के पास कपड़े की एक दुकान पर नौकरी करता है। दूसरे नंबर का जीशान कुछ साल पहले झिंझाना में पासपोर्ट बनवाने की दुकान करता था। करीब दो साल पहले वहां से दुकान बंद करके सहारनपुर चला गया था। तीसरा नोमान इलाही पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में पकड़ा गया। स्थानीय पुलिस नोमान के भाइयों के बारे में गहनता से जांच कर रही है। इसके लिए कैराना पुलिस ने पानीपत पुलिस से संपर्क कर नोमान के दोनों भाइयों के मोबाइल नंबर व उनसे जुड़ी सभी जानकारी मांगीं हैं। स्थानीय पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि नोमान के भाई किसी गलत कार्य में लिप्त तो नहीं है।
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