शामली। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए कृषि निदेशालय ने फरवरी के पहले सप्ताह में जिले के पंजीकृत 1.05 लाख किसानों की सूची विभाग को सत्यापन के लिए भेजी थी। सत्यापन में चौंकाने वाले तथ्य सामने आने से खलबली मच गई है। सत्यापन में अब तक 1.05 लाख में 92 हजार किसानों के सत्यापन का काम पूरा हो चुका है। इनमें करीब 2200 किसान इस निधि की पात्रता के दायरे से बाहर हो गए हैं। सत्यापन में इस बात का खुलासा हुआ कि कई किसानों की पत्नियां शिक्षक हैं और कई काफी संपन्न हैं।
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए कृषि निदेशालय ने फरवरी के पहले सप्ताह में जिले के पंजीकृत 1.05 लाख किसानों की सूची विभाग को सत्यापन के लिए भेजी गई थी। प्रशासन ने राजस्व और कृषि विभाग की करीब 250 टीमों को इसमें जांच के लिए लगाया था। टीमों को एक फॉरमेट दिया गया था, जिसमें पात्र और अपात्रता के मानक दिए गए थे। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 92 हजार किसानों का सत्यापन कार्य पूरा कर लिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब तक हुए सत्यापन के बाद करीब 2200 किसान पात्रता के दायरे से बाहर हो गए हैं। इनमें सैकड़ों ऐसे केस मिले हैं, जिनकी पत्नियां सरकारी नौकरी कर रही हैं। इनमें अधिकांश सरकारी शिक्षक हैं। सैकड़ों किसान ऐसे हैं, जिनके नाम दो हेक्टेयर से अधिक जमीन थी। ये भी पात्रता की श्रेणी में नहीं आएंगे। कुछ ऐसे भी केस आए हैं, जिन्हें बाकायदा सरकारी पेंशन मिल रही है। अधिकांश की पेंशन 10 हजार से अधिक है, जबकि सैकड़ों किसानों की अच्छी खासी कमाई है और वह आयकर भे दे रहे हैं। नियमानुसार ये किसान इस सम्मान निधि की पात्रता की शर्ते पूरी नहीं करते और इसी वजह से ये इसके दायरे से बाहर हो गए हैं।
86 हजार किसानों का डाटा कृषि निदेशालय को भेजा
शामली। जिले में अब तक हुए 92 हजार किसानों के सत्यापन में से 86 हजार किसानों का डाटा कृषि निदेशालय को भेजा जा चुका है। निदेशालय स्तर से उनकी जांच की जाएगी। इसके बाद किसानों के बैंक खाते में धनराशि भेज दी जाएगी। अभी इस निधि की पहली किश्त के तौर पर दो हजार रुपये की धनराशि भेजी जा रही है।
अब तक 28 हजार की पहुंची धनराशि
कृषि विभाग के अनुसार अब तक जनपद के करीब 28 हजार किसानों के खातों में धनराशि पहुंच चुकी है। उम्मीद है कि जिन किसानों का डाटा निदेशालय को जा चुका है उनकी निधि की धनराशि मार्च के पहले सप्ताह तक आ सकती है।
सत्यापन कार्य तेजी से चल रहा है। 92 हजार किसानों का सत्यापन हो चुका है। 86 हजार 300 किसानों का डाटा निदेशालय को जा चुका है। करीब 2200 किसान सत्यापन के दौरान अपात्रता की श्रेणी में मिले हैं।
सत्यापन को भेजी सूची 1.05 लाख किसान
अब तक सत्यापन हुआ 92 हजार किसान
पात्र मिले और डाटा फीड 92 हजार किसान
निदेशालय को भेजा डाटा 86 हजार किसान
अब तक धनराशि आई 24 हजार किसान
गन्ना भुगतान नहीं होने से किसान परेशान
शामली। शामली शुगर मिल से गन्ना भुगतान नहीं होने से नाराज किसानों का प्रतिनिधिमंडल कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम से मिला। आरोप लगाया कि वादे के मुताबिक मिल भुगतान नहीं कर रही। चालू सीजन का 175 करोड़ बकाया है। भुगतान नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शामली गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन जितेंद्र निर्वाल के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी से मिलने पहुंचा। मगर डीएम के नहीं मिलने पर किसानों ने एडीएम से अपनी बात कही। कहा कि शामली शुगर मिल के गन्ना भुगतान नहीं करने पर जनवरी में किसानों ने 12 दिन तक शामली शुगर मिल पर धरना दिया था। बाद में प्रशासन के आश्वासन पर उन्होंने धरना खत्म किया था। मिल ने पिछले पेराई सत्र का बकाया 80 करोड़ का भुगतान पिछले दिनों कर दिया था, लेकिन इस चालू सत्र का मिल ने केवल 15 हजार का ही भुगतान किया है। सवा दो करोड़ और भेजा है, लेकिन वह अभी किसानों के खाते तक नहीं पहुंचा है। मिल पर इस सत्र का करीब 175 करोड़ रुपया गन्ना भुगतान बकाया है।
गन्ने का भुगतान ना मिलने से किसानों के सामने समस्या बन रही है। शादी विवाह का सीजन चल रहा है। अब बच्चों के स्कूलों में दाखिले भी होने हैं। उसके लिए पैसा चाहिए। ऐसे में मिल से भुगतान नहीं मिलने से उन्हें समस्या आ रही है। किसानों के अनुसार एडीएम जिले में नए आए हैं। अब किसानों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को डीएम के आने के बाद उनसे मिलेगा और भुगतान की मांग करेगा। यदि शुगर मिल ने अपने भुगतान में सुधार नहीं किया तो किसान फिर से बड़ा निर्णय ले सकते हैं। प्रमोद कुमार, सुधीर कुमार, पप्पू टिटौली, सुधीर माजरा, नरेश सिंभालखा, अरविंद सिलावर आदि पिछले दिनों शामली मिल पर धरना दे रहे किसानों की कमेटी से जुड़े किसान मौजूद थे।