शामली। बैंकों और एटीएम पर लोगों की कैश को लेकर परेशानी कम नहीं हो रही है। रोज जनता बैंकों और एटीएम की लाइन में ही खड़ा मिलती है। एटीएम चाहे खुला हो या बंद हो।
बुधवार को भी शहर के एटीएम और बैंकों पर भीड़ रही। कैश की किल्लत से परेशान लोग सुबह से ही बैंक और एटीएम के बाहर लाइन में खडे़ मिले। बैंकों में सप्ताह में 24 हजार के लिए भी हर रोज लाइन में लगने के बाद भी सप्ताह में 24 हजार पूरे नहीं हो पाते। वहीं, कुछ बैंकों में 48 दिन के बाद भी नो कैश का बोर्ड ही लटका रहता है।
तो कुछ में 2 हजार व 4 हजार और दस हजार की सुविधा ही दी जा रही है। शहर के कुछ एटीएम ही दिन में एक बार कैश डालते हैं जिन पर सुबह कैश डलने से पहले ही इंतजार में लंबी लाइन लगी रहती है। सुबह सर्वयूपी ग्रामीण बैंक में कोई कैश नहीं मिला। जिस कारण किसान बैंक में आते रहे मायूस होकर वापस जाते रहे।
एसबीआई व इलाहाबाद में दस हजार दिए गए। पीएनबी में छह हजार दिए गए। वही कोऑपरेशन, ओरियंटल और पीएनबी एटीएम पर कैश डलने से पहले ही सुबह से ग्राहकों की इंतजार में लाइन लगी रही।
कैश नहीं मिलने पर ग्राहकों ने किया हंगामा
झिंझाना। कस्बा झिंझाना की एसबीआई शाखा में आया कैश वितरण शुरू होने के दो घंटे बाद ही खत्म हो गया। बैंक कर्मियों ने नो कैश का बोर्ड लगा दिया, जिसके चलते लाइन में लगे लोगों ने बैंक परिसर में हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। बुधवार को कस्बा झिंझाना में एसबीआई शाखा खुलते ही लोगों में कैश लेने के लिए आपाधापी मच गई। बैंक कर्मियों ने दो घंटे कैश वितरित किया, फिर नो कैश का नोटिस चस्पा कर दिया। इसके चलते कई घंटे से लाइन में खड़े लोगों में रोष व्याप्त हो गया और उन्होंने हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत किया। बैंक प्रबंधक आरके शर्मा का कहना है कि 10 लाख रुपया कैश आया था। जो 24 हजार रुपये प्रति ग्राहक के हिसाब से बांट दिया गया। प्रबंधक ने बताया कि बृहस्पतिवार से भीड़ अनुसार कैश वितरित किया जाएगा। यही हाल पंजाब नेशनल बैंक का रहा।