टाटा मोटर फाइनेंस को 55 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के देने का आदेश
शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक मामले में सुनवाई के बाद टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड की ब्रांच को प्रतिवादी को 55 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश दिए हैं।
झिंझाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर निवासी विजय कुमार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर किया था। जिसमें बताया था कि वर्ष 2016 में उसने टाटा मोटर्स फाइनेंस की मेरठ मंगल पांडेय नगर स्थित ब्रांच से टाटा सूमो गोल्ड गाड़ी फाइनेंस कराई थी। आर्थिक समस्याओं के चलते वह कुछ किस्त नहीं दे पाया। मई 2017 को फाइनेंस कंपनी ने गाड़ी अपनी सुपुर्दगी में ले ली। फुल एंड फाइनल सेटलमेंट 25 फरवरी 2019 को कर दिया। गाड़ी सुपुर्द करने से पहले उन्होंने पूरा टैक्स संभागीय परिवहन कार्यालय में जमा करा दिया था। इसके बाद के टैक्स की जिम्मेदारी फाइनेंस कंपनी की थी। लेकिन कंपनी ने टैक्स जमा नहीं किया। दिसंबर 2019 में राजस्व अमीन ने एक मई 2017 से 31 अक्टूबर 2019 को आकर गाड़ी से संबंधित टैक्स करीब 1.30 लाख रुपये की मांग की। जिस पर उन्होंने कंपनी की ब्रांच को दो नोटिस भेजे। ब्रांच ने बताया कि गाड़ी कंपनी के नाम पर करा दी गई है। लेकिन संभागीय परिवहन कार्यालय से पता चला कि फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के बाद भी गाड़ी विजय के नाम है। जिस पर विजय ने परिवाद दायर कर आयोग से क्षतिपूर्ति के 3.70 लाख दिलाने की मांग की। आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता और महिला सदस्य अमरजीत कौर ने कंपनी की ब्रांच को 55 हजार रुपये आर्थिक, मानसिक व सामाजिक क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश दिए।