शामली। ईंट निर्माता समिति की शनिवार को कैराना रोड स्थित होटल में हुई बैठक में कोयले और जीएसटी की दर में बढ़ोत्तरी का विरोध किया गया। समिति के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र मलिक ने कहा कि जीएसटी की बढ़ी दरें वापस और कोयले के सामान्य रेट न होने पर आगामी सीजन 2022-23 में भट्ठों को पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाएगा।
बैठक में पांच प्रतिशत के स्थान पर 12 प्रतिशत जीएसटी और कोयले की कीमतें दस हजार रुपये प्रति टन से 25 हजार रुपये प्रति टन किए जाने का विरोध किया गया। भट्ठा मालिकों ने एक सुर में कहा कि जब तक जीएसटी की बढ़ी हुई दरें वापस नहीं होगी और कोयले के रेट सामान्य नहीं होंगे। तब तक आगामी सीजन में 2022-23 में कोई भी ईंट भट्ठा नहीं चलाएगा। जिला ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मलिक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ईंट भट्ठे का सीजन एक मार्च से लेकर 30 जून घोषित कर दिया है।
जिले में 87 ईंट भट्ठे चलाने की सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिली है। 47 ईंट भट्ठों के कागजात अभी तक समिति को प्राप्त नहीं हुए है। इनके कागजात प्राप्त नहीं हुए तो अगले साल इनमें से कोई भी ईंट भट्ठा संचालित नहीं होगा। बैठक में हरेंद्र सिंह चौधरी के निधन के बाद खाली चल रहे कोषाध्यक्ष पद पर डॉ. योगेंद्र चौधरी सर्वसम्मति से चुना गया।
बैठक में ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मलिक, महामंत्री सुनील गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा, नीरज बालियान, सतेंद्र मलिक धर्मेंद्र मलिक, रोहताश सिंह, महिपाल सिंह, सतवीर एलम, वेदपाल चेयरमैन, वीरेंद्र फौजी, ब्रजपाल सिंह मौजूद रहे।
शामली को एनसीआर से बाहर करने की मांग उठी
बैठक में ईंट भट्ठा मालिकों ने कहा कि शामली जिला एनसीआर में शामिल होने से ईंट भट्ठा उद्योग पर संकट आ गया है। प्रदूषण और अन्य समस्या आने से ईंट भट्ठा उद्योग संचालित होने में परेशानी हो रही है। जिले के ईंट भट्ठा उद्योग को बचाने के शामली जिले को एनसीआर से बाहर किए जाने की मांग की है। इस पर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मलिक ने कहा कि जिले में भाजपा सांसद से वार्ता हुई है। भाजपा सांसद और केंद्रीय पशुधन राज्यमंत्री संजीव बालियान से इस संबंध में बात करेंगे।