शामली। वीवी इंटर कॉलेज में चल रहे पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में पांचवें दिन ज्ञान कल्याणक पर्व मनाया गया। इस अवसर पर इंद्र-इंद्राणियों ने अष्ट द्रव्यों से जिनाभिषेक एवं नित्यचरण पूजा विधि विधान से की।
आचार्य 108 सौरभ सागर महाराज के सानिध्य में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में शुक्रवार को पांचवें दिन ज्ञान कल्याणक पर प्रवचन करते हुए जैन आचार्य ने आहार चर्या के बारे में बताया। उन्हाेंने कहा कि जिसका हाथ दान करने के लिए सबसे पहले उठ जाता है, वह बड़ा भाग्यशाली है। मनुष्य को दूसरे के कल्याण के लिए दान देना चाहिए। मुनि केवल आहार दान लेते हैं। गृहस्थ जीवन वाला मनुष्य ही मुनि को आहार दान दे सकता है। मुनि सबसे पहले गृहस्थ व्यक्ति से ही पहले आहार दान लेते हैं। उन्होंने कहा लेने वाला छोटा होता है और देने वाला बड़ा होता है। जिसे आहार दान की क्रियाओं के बारे में पता है, गृहस्थ आहार दान कर सकता है। मुनि 24 घंटे में एक बार आहार दान लेते हैं।
कार्यक्रम में शामली के अलावा देहरादून, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल, दिल्ली व गाजियाबाद आदि स्थानों से श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रवीन जैन, मयंक जैन, वैभव जैन, प्रवीण जैन, वीरेश जैन, रवि जैन, आलोक जैन, कमल जैन, रितेश जैन, दिनेश जैन, शरद जैन आदि मौजूद रहे।
शामली वीवी इंटर कॉलेज में आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव में प्रवचन करते जैन मुनि सौरभ सागर महार- फोटो : mathura