झिंझाना के मोहल्ला नीला रोजा के रज्जकिया मेहमान खाने में दुआ करते अकीदतमंद। संवाद
शामली/ झिंझाना। जिलेभर में शब-ए-बरात पर के बाद मुस्लिम अकीदतमंदों ने रोजा रखा और देश में अमन चैन के लिए दुआ मांगी। उलमाओं ने इस रात की इबादत एक हजार महीने की इबादत के बराबर बताई।
शामली की जामा मस्जिद, नूरियां , दिल्ली रोड पर शाम के समय अकीदतमंदों ने रोजा खोला।
मौलाना आजम ने कहा कि शब ए बरात की रात को खुदा की इबादत रात भर करनी चाहिए। मौलाना मोहम्मद साजिद कासमी ने कहा कि इस रात इबादत करने से अल्लाह ताला गुनाहों को माफ फरमा देते हैं और चांद की 15 तारीख को यानी शब ए बारात से अगले दिन रोज महत्व बताया।
अल्लाह खुश होकर हमारे तमाम पिछले गुनाहों को बक्श देंगे। झिंझाना कस्बे के मोहल्ला नीला रोजा के रज्जकिया मेहमान खाने में कुरान खानी के बाद बाबर हुसैन कुद्दूसी ने मरहूमीन के लिए दुआ मगफिरत की । वहीं हजरत इमाम नसीरुद्दीन शाहिद सबजवारी वाली मस्जिद में भी जलसा आयोजित किया गया।
शामली क अलावा थानाभवन, जलालाबाद, कैराना, कांधला में भी अकीदतमंदों ने रोजा रखा और कुराए ए पाक की तिलावत की। देश में अमन चैन की दुआ मांगी।