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एक तरफ फेरे हुए दूसरी तरफ पढ़ा गया निकाह

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शामली में मुख्यमंत्री विवाह योजाना के दोरान फेरे लेते वर वधू - फोटो : SHAMLI
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शामली। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शामली में 47 जोड़े दांपत्य बंधन में बंध गए। इस दौरान एक तरफ जहां हिंदू धर्म की परंपरा के अनुसार विधि पूर्वक फेरे हो रहे थे तो दूसरी तरफ शरीयत के अनुसार निकाह पढ़ाया गया। कार्यक्रम में 29 हिंदू और 18 मुस्लिम जोड़ों को शादी के प्रमाण पत्र दिए गए।
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शुक्रवार को मोहल्ला रेलपार स्थित बेंक्वेट हॉल में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का कार्यक्रम आयोजि हुआ। सुबह दस बजे डीएम अखिलेश सिंह, सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी रचना शर्मा ने कार्यक्रम में पहुंचकर वर वधू को आशीर्वाद दिया। डीएम ने बताया कि गरीब परिवार के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का संचालन जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस योजना में गरीब परिवारों के युवक और युवतियों की शादी सामूहिक रूप से कराई जाती है। शासन की तरफ से शादी का पूरा खर्च वहन किया जाता है। इस दौरान डीएम, सीडीओ और जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जोड़ों को वैवाहिक प्रमाणपत्र सौंपे।
जिला समाज कल्याण विभाग के एडीओ अजय चरण सागर ने बताया कि शामली में कार्यक्रम में शामली ब्लाक, नगरपालिका शामली और नगर पंचायत क्षेत्र के 47 जोड़ों की शादी कराई गई। शामली ब्लाक में 23 हिदू, 16 मुस्लिम, शामली नगरपालिका में हिंदू तीन, और नगर पंचायत बनत में हिंदू तीन और मुस्लिम समाज के दो जोड़े दांपत्य जीवन में बंध गए है। हिंदू युवक-युवतियों की शादी दो वेदियों पर उनके धर्म और परंपरा के अनुसार विधि विधान से पंडित गौरीशंकर वत्स और सागर शर्मा ने मंत्रोच्चारण के साथ कराई जबकि मुस्लिम समाज के युवक-युवतियों का निकाह कारी मो. आसिफ और कारी मुस्तफा ने निकाह पढ़ाया गया। इस अवसर पर बीडीओ डा. विपिन राठी, एडीओ राकेश कुमार, एडीओ पंचायत बिजेंद्र सिंह, ग्राम सचिव सुरेश शर्मा, नगर पंचायत बनत के ईओ और नगरपालिका शामली से प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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घरेलू शादी से पहले कई जोड़ों की हुई सरकारी शादी
शामली। दांपत्य जीवन में बंधे जोड़े सामूहिक रूप से शादी को लेकर बड़े खुश नजर आए। उनका कहना था कि गरीब परिवारों के लिए यह योजना बहुत अच्छी है। शामली में हुए कार्यक्रम में गांव बलवा की दो बहनों सुमन और पिंकी की शादी हुई। दोनों ने बताया कि उनके परिजनों ने उनका रिश्ता पहले से तय कर दिया था। 10 जुलाई को शादी की तारीख तय थी, लेकिन इससे पहले ही उन्हें इस कार्यक्रम की जानकारी मिली। वे और उनका परिवार बहुत खुश है। इसी तरह मोनिका निवासी भैंसवाल की शादी टिटौली निवासी अमित के साथ हुई। उसने बताया कि परिजनों ने उन दोनों का रिश्ता तय कर आठ जुुलाई को शादी की तारीख तय की थी, लेकिन उससे पहले ही उन्हें इस कार्यक्रम की जानकारी मिली और उनकी शादी हो गई। इसी तरह सोनिया, अर्जुन, सुनील ओर संजय आदि भी सरकारी शादी होने को लेकर खुश नजर आए।
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एक शादी पर 51 हजार रुपये का बजट
शामली। समाज कल्याण विभाग के एडीओ अजय चरण सागर ने बताया कि शासन की तरफ से एक शादी के लिए 51 हजार रुपये का बजट रखा गया है। इसमें 10 हजार रुपये का सामान, 35 हजार रुपये लड़की के खाते में जमा कराए जाते हैं और छह हजार रुपये टैंट और खाने के लिए खर्च करने का बजट है। इस योजना में शामिल होने के कारण लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 साल निर्धारित होने के साथ परिवार की आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
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