साल्हापुर और भड़ी में गन्ने की फसल को काफी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों की माने तो करीब 200-300 बीघा गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है। एक दिन पहले यमुना में छोड़े गए 1.60 लाख क्यूसेक पानी के चलते यमुना अपने उफान पर आ गई है। गुरुवार शाम पांच बजे तक कैराना में यमुना का जलस्तर 230.4 मीटर पर पहुंच गया था। ऊन की एसडीएम ऊन मणि अरोरा, कैराना के तहसीलदार राजकुमार भारती ने बताया कि यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अलर्ट कर दिया है।
वहीं हथिनीकुंड बैराज के आपरेटर सोनू ने बताया कि गुरुवार को हथिनीकुंड बैराज पर पानी का दबाव कम होना शुरू हो गया। सुबह आठ बजे 93 हजार 299 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे 73 हजार 994 क्यूसेक और शाम पांच बजे 26 हजार 846 क्यूसेक पानी यमुना में रह गया था।
यमुना नदी पर मोटरबोट के साथ पीएसी के गोताखोर तैनात
यमुना में बाढ़ की आशंका को देखते हुए यमुना नदी पर मोटर बोट के साथ पीएसी के गोताखोरों की तैनाती की गई है। यमुना किनारे ड्यूटी पर तैनात 44वीं वाहिनी मेरठ पीएसी के एचसीपी जयवीर ने बताया कि उनके साथ पीएसी के 12 गोताखोर हैं। साथ ही इंजन से चलित मोटरबोट व जीवन रक्षक उपकरण मौजूद हैं। उनकी यमुना नदी पर 24 घंटे ड्यूटी लगी है। इसके अलावा प्रशासन ने सभी चारों बाढ़ नियंत्रण चौकियों, हलकों लेखपालों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।