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परिषदीय विद्यालयों के जीर्ण-शीर्ण भवनों के पुननिर्माण की जागी उम्मीद

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शासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से जर्जर भवनों की मांगी रिपोर्ट
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जिले में इस साल चिह्नित हुए 47 जर्जर भवनों में 37 हो चुके नीलाम
पिछले साल 42 भवनों के पुनर्निर्माण का शासन को भेजा था प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों के जीर्ण-शीर्ण भवनों के पुनर्निर्माण की उम्मीद जागी है। शासन ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। जिले में इस साल 47 भवन जर्जर चिह्नित किए गए हैं। जिनमें 37 भवन नीलाम हो चुके हैं। पिछले साल शासन को 42 भवनों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन बजट न मिलने की वजह से निर्माण शुरू नहीं हो पाया।
जिले के विद्यालयों के जीर्ण-शीर्ण भवनों को चिह्नित कर नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस साल बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जिले में 47 भवनों को जर्जर घोषित किया गया था। जिनमें 37 भवनों की पिछले महीने नीलामी हो चुकी है जबकि दस भवनों की न्यूनतम धनराशि ज्यादा होने के कारण नीलामी नहीं हो पाई थी। अब उनकी दोबारा से नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पिछले साल भी विभाग द्वारा इसी तरह जर्जर भवनों को चिह्नित कर नीलाम किया गया था। इसके बाद विभाग द्वारा शासन को 42 भवनों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से बजट न मिलने से अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।
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अब शासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से जीर्ण-शीर्ण भवनों के पुनर्निर्माण के लिए मांग पत्र निर्धारित प्रारूप पर बिंदुवार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शासन के जर्जर भवनों की रिपोर्ट मांगे जाने पर पुनर्निर्माण होने की उम्मीद जागी है। बेसिक शिक्षा के जिला समन्वयक निर्माण राहुल कुमार ने बताया कि जिले में पिछले साल 42 भवनों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शेष दस भवनों की नीलामी जल्द कराई जाएगी। अब शासन ने जर्जर भवनों के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। बजट मिलते ही पुनर्निर्माण शुरू कराया जाएगा।
शासन ने इन बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट
जहां पुनर्निर्माण किया जाना अत्यावश्यक है।
जिनके पुनर्निर्माण हेतु अन्य किसी योजना या वार्षिक कार्य योजना एवं बजट 2021-22 व 2022-23 में स्वीकृति प्राप्त न हुई हो।
जहां विद्यालय पुनर्निर्माण हेतु नि:शुल्क, निर्विवाद व पर्याप्त भूमि उपलब्ध है।
जिनकी नीलामी, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नियमानुसार पूर्ण की जा चुकी है।
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