गुरुवार को ग्रामीणों ने बताया था कि खनन ठेकेदारों ने यमुना की जल धारा को गलत तरीके से मोड़ा गया है तथा खनन प्वाइंट्स पर दिन-रात भारी मशीनों से रेत खनन किया जाता है। रेत की बड़ी ढांग बनाने तथा भारी मशीनों से गहराई तक खनन करने से जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे गांवों में बाढ़ जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
शुक्रवार दोपहर एडीएम अरविंद सिंह, एसडीएम उद्भव त्रिपाठी एवं सीओ जितेंद्र कुमार लेखपालों की टीम के साथ इस्सोपुर खुरगान खनन प्वाइंट्स पर पहुंचे और टीम ने खनन प्वाइंट्स की वीडियोग्राफी की।
बाद में टीम मंडावर खनन प्वाइंट्स पर पहुंची। यहां भी वीडियोग्राफी की गई। एडीएम अरविंद कुमार ने बताया कि मौके पर पैमाइश कराई जा रही है। इसके बाद ही यह पता लग पाएगा कि आवंटित स्थान से अलग तो खनन नहीं किया गया।
खनन विभाग ने नहीं दिया ध्यान
यमुना में चल रहे खनन पट्टों पर ढांग लगाकर यमुना की धारा को मोड़ दिया गया लेकिन खनन विभाग ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। ग्रामीण यदि शिकायत न करते तो यह मामला उजागर ही नहीं होता। आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह से मशीनों से गहराई तक खनन किया जा रहा है उससे बरसात के दिनों में नदी की धारा बदलने की आशंका है। पहले भी खनन से हुए गड्ढों से हादसे होते रहे हैं।
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