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खनन स्थल पर पहुंचे अफसर, पैमाइश की

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कैराना में मामौर रेत खनन प्वाइंट पर जांच करते एडीएम, एएसपी व अन्य अधिकारी - फोटो : SHAMLI
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शामली/कैराना। मामौर में अवैध खनन की शिकायत पर एडीएम के नेतृत्व में गठित की गई अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश की। इसके अलावा करनाल के मंगलौरा में रेत का स्टॉक करने की शिकायत के मामले में भी टीम ने जांच की।
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कैराना तहसील क्षेत्र के गांव मामौर स्थित यमुना नदी में एमएस ट्रेडर्स के नाम पांच साल के लिए रेत खनन का पट्टा है। रेत खनन के पट्टे पर एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के मुताबिक ही रेत खनन करने की अनुमति है। यहां पर अवैध खनन की शिकायत की गई थी। शनिवार को एडीएम अरविंद कुमार के साथ एएसपी ओपी सिंह, एसडीएम उद्भव त्रिपाठी, सीओ जितेंद्र कुमार व नायब तहसीलदार प्रशांत कुमार अवस्थी, ड्रेनेज विभाग के ईओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुजफ्फरनगर के क्षेत्रीय अधिकारी की टीम मामौर खनन स्थल पर पहुंची।
अधिकारियों ने सिजरे के आधार पर खनन पट्टे की पैमाइश कराई। इसके अलावा खनन प्वाइंट पर लगे सीसीटीवी कैमरों, रेत खनन करने के बाद हुई गहराई की पैमाइश कराई। खनन क्षेत्रफल का सिजरे से मिलान किया गया। अन्य मानकों की भी जांच पड़ताल की गई। एसडीएम ने बताया कि डीएम के निर्देश पर एडीएम के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने मामौर खनन पट्टे पर पैमाइश की गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषण की जांच की तथा ड्रेनेज विभाग ने जांच की कि आने वाली बरसात में खनन के कारण बाढ़ की स्थिति तो नहीं बनती।
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उधर, एडीएम अरविंद सिंह ने बताया कि करनाल निवासी मनजीत के पेट्रोल पंप पर रेत के अवैध स्टॉक करने की शिकायत भी प्राप्त हुई थी। टीम ने वहां जाकर भी जांच पड़ताल की। जांच आख्या डीएम के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
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अवैध खनन और रेत के स्टॉक की वीडियो हुई थी वायरल
दो जून को हरियाणा के करनाल में एंटी माइनिंग की टीम ने रेत के दो डंपर पकड़े थे। इस संबंध में वीडियो भी वायरल हुआ था। वीडियो में शिकायतकर्ता आरोप लगा रहे थे कि शामली से अवैध खनन करके हरियाणा लाया जा रहा है। इसके अगले दिन करनाल के मंगलौरा में रेत के स्टॉक की भी वीडियो वायरल हुई थी।
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मामौर खनन ठेकेदार पर लग चुका है जुर्माना
मामौर के खनन ठेकेदार पर अवैध खनन के मामले में पहले भी जुर्माना लग चुका है। ग्रामीणों की शिकायत पर कराई गई जांच में अवैध खनन पाया गया था। तब ठेकेदार पर 77 लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने चार लाख 80 हजार रुपये और एनजीटी ने भी जुर्माना लगाया है।
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