अब प्रवासियों ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
शामली। महाराष्ट्र से आए जनपद के दो प्रवासी श्रमिकों को कोरोना की पुष्टि होने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। जिले में देश के 18 जनपदों से कुल 715 प्रवासी जिले में आए हैं। इनमें यूपी के अलावा हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात के श्रमिकों की सबसे ज्यादा संख्या है। इनमें रेड जोन वाले जिलों से आए 119 की सैंपलिंग हो चुकी है। दो मामले सामने आने के बाद अब ये चेन ओर बढ़ने की आशंका है। कई और लोग जांच के दायरे में आ सकते हैं।
प्रदेश के कई जिलों से अपने घर पहुंचे प्रवासी श्रमिकों के कोरोना संक्रमित मिले हैं। चूंकि महाराष्ट्र ओर गुजरात में ही कोरोना संक्रमण अधिक है । दोनों ही राज्यों के अधिकांश जिले रेड जोन में है। लिहाजा इन राज्यों से आए श्रमिकों को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट था। 20 मई तक रेड जोन से जिले में आए 119 प्रवासी श्रमिकों के नमूने जांच को भेजे जा चुके थे। इनमें से कांधला निवासी दो प्रवासी श्रमिकों को शनिवर को कोरोना की पुष्टि हुई है। ये दोनों मुंबई में फेरी लगाकर कपड़ा बेचते थे। जिले में महाराष्ट्र से कुल 89 प्रवासी आए हैं और इनमें से अधिकांश इसी तरह फेरी आदि का काम करते हैं। बताया जाता है कि मुंबई में भी ये लोग अधिकांश एक ही जगह रहते थे। इनमें से अधिकतर कांधला क्षेत्र के गांवों के हैं। ऐसे में इनमें से जो लोग जांच के बिना रह गए हैं वह भी संदेह के दायरे में आ गए हैं। हालांकि ये लोग महाराष्ट्र में भी क्वारंटीन होकर आ चुके हैं। दूसरी हैरानी ओर चिंता की बात है कि जिले में मिल रहे कोरोना संक्रमितों में किसी को भी कोई खास लक्षण भी नहीं है। लिहाजा अब इस संक्रमण से और सचेत रहना जरुरी हो गया है। बेहतर होगा कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने के नियम का ओर सख्ती से पालन करें।
हरियाणा 139,
महाराष्ट्र 89
गुजरात 86
छत्तीसगढ़ 60
पंजाब 30
दिल्ली 06
मध्य प्रदेश 32
हिमाचल प्रदेश 19
तेलंगाना 02
आंध्र प्रदेश 10
केरल 2
चंडीगढ़ 3
जम्मूू कश्मीर 1
कर्नाटक 18
उड़ीसा 2
उत्तराखंड 9
कर्नाटक 18
यूपी 166