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अब बर्ड फ्लू से पोल्ट्री फार्म कारोबार हुआ ठप

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अब बर्ड फ्लू से पोल्ट्री फार्म कारोबार हुआ ठप
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थानाभवन। पहले कोरोना वायरस और अब देश में पांव पसार रहे बर्ड फ्लू ने पोल्ट्री फार्म के कारोबार को ठप कर दिया है। हालत यह है कि वर्तमान में अंडा व चिकन की मांग दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है। नतीजतन पोल्ट्री फार्म बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं।
पिछले दस महीने से पोल्ट्री फार्म का कारोबार डगमगाता नजर आ रहा है। पहले जब कोरोना वायरस ने दस्तक दी तो अंडा और चिकन की मांग बेहद गिर गई थी। करीब छह से 7 महीने तक यह व्यवसाय ठप रहा और क्षेत्र के तकरीबन सभी पोल्ट्री फार्म बंद हो गए थे। अब कुछ दिन पूर्व कोरोना वायरस से थोड़ी राहत मिलने के बाद इस व्यवसाय ने जोर पकड़ा था, लेकिन अब बर्ड फ्लू की दस्तक ने एक बार फिर पोल्ट्री फार्म कारोबार की कमर तोड़ दी है। भाजपा नेता व जिले के बड़े पोल्ट्री फार्म कारोबारी ठाकुर सोमवीर सिंह की माने तो मुर्गे के एक चूजे की कीमत 47 रुपये वर्तमान में है। 45 दिन में एक चूजा बड़ा होता है। इस दौरान उसकी कीमत व पालने के खर्च को मिलाकर उसकी कीमत 150 रुपये हो जाती है। बर्ड फ्लू की आशंका के चलते बाजार में चिकन के थोक के दाम 50 रुपये किलो है। इस लिहाज से व्यापारी को एक मुर्गी पर ही एक सौ रुपये का नुकसान हो रहा है। यदि किसी मुर्गी फार्म में मुर्गियों की संख्या 1000 है, तो उसे एक लाख का नुकसान हो रहा है।
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दस हजार रुपये रोजाना का नुकसान
कैराना। कबीर पोल्ट्री फार्म के मालिक जहांगीर सिद्दीकी का कहना है कि उनके पोल्ट्री फार्म से करीब दस हजार अंडों की सप्लाई प्रतिदिन है। 10 दिन पहले अंडे के दाम 5.12 रुपये प्रति अंडा था, जो कि अब घटकर 4.05 रुपये प्रति अंडा हो गया है। इस प्रकार उनको प्रतिदिन करीब दस हजार रुपये का घाटा हो रहा है। अंडे बाहर भेजने पर अभी कोई प्रतिबंध नहीं है। एक दिन पहले शामली से पशुपालन विभाग की टीम आई थी, जिसने उनके पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण किया था। टीम ने और अधिक साफ-सफाई के निर्देश दिए हैं।
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