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अब इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में होगा जीवन बीमा

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शामली के डाकघर में जानकारी लेते लोग - फोटो : SHAMLI
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अब इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में होगा जीवन बीमा
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शामली। चिट्ठियों के आदान-प्रदान और बचत खातों तक सिमटकर रह गए पोस्ट ऑफिस अब अपना कलेवर बदल रहे हैं। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) की शुरुआत से अब बैंकिंग सुविधा भी मिलने लगी है।
अब तक डाकघरों की भूमिका केवल चिट्ठियों और अन्य छोटी बचत योजनाओं तक ही सीमित है। चिट्ठियों के घटते चलन और बैंकिंग सेक्टर के बढ़ते प्रभाव के कारण डाकघरों की योजनाएं सिमटने लगी थीं। मगर इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की शुरुआत से अब डाकघरों की स्थिति में सुधार हुआ है। जनपद में आईपीपीबी में 23 हजार खाते खुल चुके हैं। शहर में एक शाखा के अलावा 84 डाकघरों में आधार इनबिल पेमेंट सिस्टम चल रहा है। इसमें आधार नंबर या अंगुठे के निकास से दस हजार रुपये तक की निकासी और जमा की जा सकती है।
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इसके अलावा किसी भी बैंक में रुपये ट्रांसफर किए जा सकते हैं। ग्रामीण डाक सेवक खाताधारक के घर तक जाकर नकदी उपलब्ध कराते हैं। उपभोक्ता को न तो फार्म भरने की जरूरत है और न ही बैंक में भीड़ में लगना होगा। गैस सब्सिडी, विभिन्न पेंशन योजनाओं की धनराशि भी आईपीपीबी के खाते में आ सकती है। आईपीपीबी शामली शाखा के प्रबंधक सौरभ सैनी ने बताया कि हाल ही में जीवन बीमा की भी शुरुआत की गई है। दो बीमा पॉलिसी हो भी चुकी हैं। आईपीपीबी उपभोक्ता के घर तक बैंकिंग सुविधा पहुंचा रहा है। इसलिए लोग इससे जुड़ रहे हैं।
नेट और मोबाइल बैंकिंग की भी सुविधा
आईपीपीबी में नेट और मोबाइल बैंकिंग की भी सुविधा मिल रही है। जिस किसी बैंक का खाताधारक नेट और मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करता है, उसी तरह आईपीपीबी के उपभोक्ता भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। धीरे-धीरे पोस्ट पेमेंट बैंक अपनी सुविधाएं बढ़ा रहे हैं।
सुविधाओं और स्टॉफ की कमी से जूझ रहा डाकघर
शामली। जिले के डाकघर से आज भी प्रतिदिन करीब 500 चिट्ठियां बंटती हैं, लेकिन इनमें ज्यादातर सरकारी ही होती हैं। कोरियर से प्रतिद्वंद्विता में डाकघर की स्थिति काफी पिछड़ गई है। डाकघर में सुविधाओं और स्टॉफ की काफी कमी है।
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जिले में माजरा रोड पर स्थित डाकघर को प्रधान डाकघर का दर्जा नहीं है। पोस्टमास्टर एसपी मीणा ने बताया कि डाकघर में 19 लोगों का स्टॉफ होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में सात ही काम कर रहे हैं। बाकी दूसरे डाकघरों में तैनात हैं तथा पांच पद खाली हैं। डाकघर में कुर्सियां टूटी पड़ी हैं और मेज भी खस्ताहाल हैं। शौचालय तक की सुविधा अच्छी नहीं है। डाकघर का स्टॉफ जैसे-तैसे काम करता है। डाकघर से प्रतिदिन करीब 500 चिट्ठियों का वितरण होता है। इनमें 200 से 250 रजिस्ट्री, 50 से 60 स्पीड पोस्ट होती हैं।

शामली के डाकघर में खस्ताहाल कुर्सी व सामान- फोटो : SHAMLI

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