थानाभवन। रसोई गैैस वितरण में पारदर्शिता लाने तथा सही उपभोक्ता तक गैस की डिलीवरी देने के उद्देश्य से तेल कंपनियों ने रसोई गैस की होम डिलीवरी में ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड की व्यवस्था को लागू किया है। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता द्वारा ओटीपी बताने के बाद ही डिलीवरी मैन उन्हें गैस सिलिंडर उपलब्ध कराएगा।
गैस वितरण व्यवस्था में लगातार बदलाव हो रहे हैं। बुकिंग की ऑनलाइन व्यवस्था के बाद अब इंडियन ऑयल, एचपीसी व बीपीसी आदि कंपनियों ने ओटीपी की व्यवस्था लागू कर दी है। इस व्यवस्था के अनुसार उपभोक्ता पूर्व की भांति ही अपने मोबाइल से रसोई गैस की बुकिंग करेगा। बुकिंग के बाद जैसे ही गैस एजेंसी की ओर से सिलिंडर की डिलीवरी के लिए उपभोक्ता का कैश मैमो कटेगा तो उसी के साथ उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेज दिया जाएगा। उपभोक्ता को यह ओटीपी अपने पास सुरक्षित रखना होगा। गैस एजेंसी अपने सभी डिलीवरी मैन के मोबाइल पर कंपनी का एप डाउनलोड करेगी। डिलीवरी मैन इस एप वाले मोबाइल के साथ सिलिंडर लेकर उपभोक्ता के घर पहुंचेगा और सिलिंडर डिलीवरी से पहले उपभोक्ता से उसके मोबाइल पर भेजा गया ओटीपी पूछेगा। यह ओटीपी डिलीवरी मैन अपने एप में अपडेट करेगा और उपभोक्ता को उसके बाद ही सिलिंडर की डिलीवरी करेगा।
------------
चल जाएगा लोकेशन का पता
इस व्यवस्था के तहत जैसे ही डिलीवरी मैन उपभोक्ता का ओटीपी अपडेट करेगा तो उसकी लोकेशन भी एजेंसी में पहुंच जाएगा। जिससे एजेंसी व कंपनी को पता चल जाएगा कि डिलीवरी मैन ने सिलिंडर उपभोक्ता को घर पर दिया, चौराहे पर या किसी दुकान पर। कंपनी का मानना है कि इससे कालाबाजारी पर काफी हद तक लगाम लगेगी।
------
उपभोक्ता को ही मिलेगा सिलिंडर
यह भी शिकायत आती रहती है कि डिलीवरी मैन अक्सर एक उपभोक्ता का सिलिंडर दूसरे व्यक्ति को कालाबाजारी कर बेच देते हैं। लेकिन, ओटीपी व्यवस्था लागू होने के बाद सिलिंडर उसी उपभोक्ता को मिलेगा, जिसके नाम का कैश मैमो काटा जाएगा।
--------
देना होगा प्रशिक्षण
भले ही तेल कंपनियां नई व्यवस्था से गैस की कालाबाजारी पर लगाम कसने के दावे करती हो, लेकिन इड व्यवस्था को लागू करने के लिए गैस एजेंसियों को अपने डिलीवरी मैन को प्रशिक्षण देना होगा। क्योंकि, अधिकांश डिलीवरी करने वाले कर्मचारी अनपढ़ या कम पढ़े लिखे हैं, जिस कारण उन्हें इस मोबाइल एप को इस्तेमाल करने की ज्यादा जानकारी नहीं है।
-----------------------------
रसोई गैस की कालाबाजारी को रोकने और सही उपभोक्ता तक ही सिलिंडर की डिलीवरी तय करने के उद्देश्य से तेल कंपनियों ने ओटीपी की नई व्यवस्था को लागू किया है। धीरे-धीरे एजेंसियों को इससे जोड़ा जा रहा है। निश्चित रूप से जब यह व्यवस्था पूर्ण रूप से लागू हो जाएगी तो रसोई गैस की कालाबाजारी पर काफी हद तक विराम लग जाएगा। - विपिन आनंद, सेल्स अफसर, एचपीसी