चुनाव प्रचार करने में पोस्टर, बैनर व होर्डिंग का अहम योगदान रहा है, लेकिन वक्त बदला और अब प्रचार प्रसार का जिम्मा सोशल मीडिया ने अपने कंधों पर उठा लिया है। इससे पोस्टर-बैनर का कारोबार लगभग ठप हो गया है।
90 के दशक में एक दौर ऐसा भी था जब चुनाव आते ही प्रिंटिंग प्रेस के कारोबारियों को खाना खाने तक की फुर्सत नहीं मिलती थी। छोटे दुकानदार भी एक सीजन में आठ से दस लाख रुपये का कारोबार कर लेते थे। वक्त बदला और पोस्टर बैनर की जगह लोगों ने सोशल मीडिया को प्रचार-प्रसार का जरिया बना लिया। सभी राजनैतिक दलों ने अपने फेसबुक पेज, वाट्सएप ग्रुप, इंस्ट्राग्राम, एक्स आदि अकाउंट बना रखे हैं और इसी पर अपना चुनाव प्रचार अपडेट करते रहते हैं।