शामली। टीबी रोगी को गांवों में उपचार दिलाने के लिए आशाओं को डॉट प्रोवाइडर बनाया जाएगा। उनकी देखरेख में ही टीबी रोगी का उपचार किया जाएगा। टीबी रोगी की तलाश कर उसका उपचार कराने वाली आशा को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
शुक्रवार को सीएचसी कांधला स्थित टीबी यूनिट में आयोजित कार्यक्रम में कांधला क्षेत्र के डॉट प्रोवाइडर्स और आशा कार्यकर्ताओं को टीबी कार्यक्रमों की जानकारी देकर जागरूक किया गया। जिला पीपीएम कोआर्डिनेटर शबी आजम ने बताया कि जनपद में अभी तक सात टीबी यूनिट, 10 बलगम जांच सेंटर और जिला क्षय रोग कार्यालय में सीबीनाट मशीन है। जनपद में अभी तक 178 डॉट सेंटर खोले जा चुके है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश है कि जिन गांवों में डॉट सेंटर नहीं है, वहां पर आशा कार्यकर्ता को डॉट प्रोवाइडर बनाया जाएगा। इसका लाभ ये होगा कि टीबी रोगी को आसपास के गांव या अस्पताल में नहीं जाना पड़ेगा। टीबी रोगी की जांच कराने और उसका उपचार कराने पर आशा को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। टीबी रोगी का संपूर्ण इलाज आशा की देखरेख में होगा। कार्यक्रम में टीबी एचआईवी कोआर्डिनेटर विपिन गुप्ता ने डॉट प्रोवाइडर को एमडीआर, एक्सडीआर ट्रीटमेंट की जानकारी दी। इस अवसर पर टीबी यूनिट कांधला के एसटीएस सिद्धार्थ, डा. तिलक राम, हेल्थ सुपरवाइजर पवन जैन, सत सिंह आदि मौजूद रहे। तंबाकू से होने वाले घातक रोगों की जानकारी दी
कैंप का आयोजन किया
शामली। शुक्रवार को श्री सत्यनारायण इंटर कालेज शामली में तंबाकू और टीबी रोग पर नियंत्रण पाने के लिए कैंप का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सीएमओ डाक्टर संजय भटनागर ने बच्चों को तंबाकू से होने वाले नुकसान और घातक रोगों के बारे में जानकारी दी। नोडल अधिकारी/ जिला क्षय रोग अधिकारी एसीएमओ डा. सफल कुमार ने बताया कि टीबी की दवाई को यदि बीच बीच में छोड़-छोड़ कर लेते है तो वह गंभीर टीबी बन जाती है। इसलिए रागी को टीबी की दवा को बीच में कतई न छोड़े। उन्होंने तंबाकू सेवन न करने की बच्चों को शपथ दिलाई गई।