शामली। नोटबंदी के 60 दिन बाद भी एटीएम बंदी समाप्त नहीं हो रही है। कामकाजी लोग संडे को इस उम्मीद से बाहर निकलते हैं कि शायद किसी एटीएम से उन्हें कैश मिल जाए, लेकिन शहर के एटीएम शोपीस बने खडे़ हैं। इस संडे भी लोग इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन उन्हें किसी एटीएम से राहत नहीं मिली।
रविवार को छुट्टी के दिन लोग सुबह से ही कैश निकालने के लिए शहर के एटीएम पर चक्कर काटते रहे। लेकिन शहर के किसी भी एटीएम में कैश नहीं मिल सका।
एसबीआई, पीएनबी जैसे बडे़ बैंकों के एटीएम भी बंद ही मिले। कुछ लोग एटीएम के बाहर रोज की तरह कैश डलने का इंतजार करते नजर आए। लेकिन घंटो इंतजार करने के बाद भी एटीएम में कैश नहीं डल सका। गांवों से आए लोग भी कैश निकालकर घरेलू सामान खरीदने के लिए शहर के एटीएम पर चक्कर काटते रहे।
कोई एटीएम खुला मिला, तो उसमें कैश नहीं मिला। शहर के रवि, सुरेश, विनोद ने बताया कि पिछले एक महीने से भी ज्यादा हो गया, हर दिन कैश की परेशानी में ही गुजर रहा है। गांव के बैंकों में आज भी सप्ताह में एक साथ 24 हजार नहीं मिल रहे हैं। काम चलाने के लिए एटीएम से रुपये निकालना चाहते थे, लेकिन शहर के सारे एटीएम बंद पडे़ हैं। नोटबंदी के 60 दिन बाद भी एटीएम सुचारु नहीं हो रहे हैं, इससे लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।