चौसाना। गांव में विकास कार्य न होने और रास्तों की दुर्दशा पर ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। वोट लेकर जनप्रतिनिधि बनने वाले नेता भूल गए, तो प्रशासन ने भी उनकी अनदेखी की। जिसके बाद ग्रामीणों ने इस बार विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। दीवार और चौराहों पर चुनाव बहिष्कार के पोस्टर, बैनर लगा दिए हैं।
चौसाना क्षेत्र के गांव पांथुपूरा के मजरा ताहरपुर की आबादी करीब 1100 है और करीब 600 मतदाता हैं। ग्रामीणों के अनुसार करीब 20 साल पूर्व गांव को नया नाम दिया गया था। जिसके बाद यहां कोई विकास कार्य नहीं हो सके। गांव बदहाली पर आंसू बहा रहा है। आरोप है कि चुनावी सीजन में नेता आते हैं और वादे करके लौट जाते हैं। जीतने के बाद कोई भी नेता यहां आकर ग्रामीणों की सुध नहीं लेता। जिससे नाराज ग्रामीणों ने इस बार विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी के प्रत्याशी को वोट ना देने का फैसला लिया है।
गांव के प्रत्येक दीवार और चौराहों पर विकास नहीं तो वोट नहीं के नारे के साथ बैनर, पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। कहना है कि इस बार ग्रामीण मतदान नहीं करेंगे। बुधवार को जुलूस भी निकाला। इस दौरान राहुल चौहान, कुलदीप, विष्णुदत्त, हेम सिंह, जयकुमार, रामभूल, जयभगवान, प्रदीप, नीरज, बलराज, मदन, बिजेंद्र आदि ग्रामीण मौजूद रहे।