शामली। रोडवेज कर्मचारी सुरक्षा को लेकर कतई गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। 100 से 200 रुपये लेकर बागपत से लेकर लोनी तक पार्सल और पैकेट रोडवेज बसों के माध्यम से बिना किसी जांच-पड़ताल के ले जाए जा रहे हैं। इन पैकेटों के अंदर क्या है इसकी भी जानकारी किसी को नहीं रहती है। बसों के परिचालक और चालक केवल इतना पूछते हैं कि पैकेट कहां जाना है। केवल रिसीवर की डिटेल पर आपराधिक प्रवृत्ति के लोग अपने मंसूबों में कामयाब भी हो सकते हैं। रिपोर्टर की तीन दिन तक की पड़ताल के दौरान इस तरह से बातचीत हुई...
केस-1
शामली बस स्टैंड पर रोडवेज बस के परिचालक से बातचीत
संवाददाता: बागपत एक पैकेट भेजना है, कितने रुपये लगेंगे
परिचालक: 200 रुपये दे देना
संवाददाता: ये तो ज्यादा है
परिचालक: 150 रुपये दे देना
संवाददाता: पैकेट में क्या है, इसे चेक तो कर लीजिए
परिचालक: उसकी जरूरत नहीं है
केस-2
बस संख्या : यूपी 17 बीटी 2658
संवाददाता: एक पैकेट में कुछ सामान भेजना है
परिचालक: कहां भेजना है
संवाददाता: बागपत भेजना है
परिचालक: 100 रुपये दे देना
परिचालक अपना मोबाइल नंबर दे देता है
केस-3
संवाददाता: भाई एक पार्सल भेजना है, कितने रुपये लगेंगे
परिचालक: 200 रुपये दे देना
संवाददाता: बागपत और लोनी दोनों जगह पहुंच जाएगा क्या
परिचालक: पहुंच जाएगा
स्टेशन प्रभारी शामली राजेंद्र चौहान ने बताया कि बिना जांच-पड़ताल के पार्सल भेजने का मामला संज्ञान में नहीं है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और सभी चालकों व परिचालक को लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए जाएंगे।
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बिना जांच पार्सल भेजना गलत है। रोडवेज विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर पार्सल और पैकेट की जांच सुनिश्चित कराई जाएगी। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पहले भी हो चुका है खुलासा
शामली। नवंबर माह में पुलिस ने पंजाब के लुधियाना से शामली और आसपास के जिलों में पैकेटों के जरिए नशीले पदार्थ भेजे जाने का खुलासा किया था। इस मामले में कैराना निवासी सोनू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बावजूद शामली बस स्टैंड पर चालक और परिचालक सुरक्षा को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
स्टिंग...बागपत भेजा गया पैकेट