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कहीं शिक्षक नहीं, तो कहीं बच्चे, निरीक्षण में निकला सच

Tue, 04 Oct 2016 03:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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inspection - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। जिले में प्राइमरी शिक्षा का क्या हाल है, सोमवार को डीएम द्वारा गठित टीमों के औचक निरीक्षण में सामने आ गया। ज्यादातर विद्यालयों में शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए, तो कहीं बच्चों की संख्या बहुत कम पाई गई। 

डीएम की ओर से एक ही दिन में 250 स्कूलों में छापामारी कराए जाने से बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा रहा। डीएम सुजीत कुमार के निर्देशन में एसडीएम शामली, तहसीलदार शामली, बीएसए चंद्रशेखर और समस्त एनपीआरसी, एबीआरसी के नेतृत्व में टीमें बनाईं और शामली के अलावा थानाभवन ब्लाक के 250 विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। 
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खुद डीएम ने कुड़ाना, सेंहटा और भिक्की के प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में छात्र-छात्राओं का शैक्षिक स्तर बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कुड़ाना प्राथमिक विद्यालय एक एवं तीन के अध्यापकों का एक दिन का वेतन काटा गया। छात्र संख्या कम पाए जाने पर स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया। डीएम ने कहा कि निरीक्षण में जिन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का शैक्षिक स्तर तथा वातावरण सृजन अच्छा  पाया गया उन विद्यालयों के अध्यापकों को पुरस्कृत किया जाएगा और खराब स्थिति वाले विद्यालयों के खिलाफ  कार्रवाई कराई जाएगी। 

प्राथमिक विद्यालय लांक में कार्यरत शिक्षामित्र प्रताप मलिक दो वर्ष से अनुपस्थित पाए गए। एसडीएम के निरीक्षण में बलवा दो में तैनात सहायक अध्यापिका पारुल पांच जुलाई से लगातार अनुपस्थित पाई गईं। प्राथमिक विद्यालय बलवा तीन की अध्यापिका वर्षा रानी भी अवकाश पर मिलीं। 
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एसडीएम द्वारा पूछे गए सामान्य ज्ञान के सवालों का यहां पर तैनात एक अध्यापिका उत्तर नहीं दे पाई। खेड़ीकरमू में तीन अध्यापिकाएं अवकाश पर पाई गईं। इसके अलावा सिंभालका में प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत 68 छात्र-छात्राओं में से 37 उपस्थित मिले, जिस पर प्रधानाध्यापक रजनीश से स्पष्टीकरण मांगा गया।
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