चीन से नहीं मंगानी होगी आइसक्रीम स्टिक
शामली। जिले में आइसक्रीम स्टिक बनाने की फैक्टरी की स्थापना का रास्ता साफ हो रहा है। इस फैक्टरी के लगने के बाद आइसक्रीम स्टिक चीन से नहीं मंगानी होगी। औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने लखनऊ में हुई बैठक में एमओयू में आ रही अड़चनों को दूर करने के निर्देश दिए हैं।
अब तक आइसक्रीम स्टिक की आपूर्ति चीन से होती है, लेकिन जल्द ही शामली में स्टिक बनाने का कारखाना स्थापित होने जा रहा है। आईआईए के सचिव अनुज गर्ग ने बताया कि आइसक्रीम स्टिक बनाने के कारखाने की स्थापना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आइसक्रीम स्टिक बनाने के लिए रूस से लकड़ी आयात करने के लिए एमओयू साइन हुआ है। फिलहाल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि आइसक्रीम स्टिक बनाने के लिए वर्चवुड और पोपलर वुड का इस्तेमाल होता है। स्थानीय पोपलर की लकड़ी लचीली होती है। इसलिए उससे आइसक्रीम स्टिक नहीं बनाई जा सकती। रूस में होने वाली वर्चवुड और पोपलर वुड आइसक्रीम स्टिक बनाने के लिए उपयोगी लकड़ी है। उन्होंने बताया कि फैक्टरी में प्रतिदिन करीब 15 टन आइसक्रीम स्टिक का उत्पादन किया जाएगा। लकड़ी के आयात में कुछ अड़चनें आ रही थी। औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने लखनऊ में अधिकारियों की बैठक लेकर इन्हीं अड़चनों को दूर करने के निर्देश दिए हैं।