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NIA-ATS Raid: आखिर क्या था नीले बोरे का राज? टीम ने साबिर को छोड़ा, आरोपी ने पंजाब जेल में बिताए 12 साल

Thu, 15 Sep 2022 10:22 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, शामली

सार

पंजाब जेल में 12 साल बिताने वाले साबिर की दुकान पर छापा मारा गया। एनआईए व एटीएस की टीम ने पूछताछ के बाद साबिर को छोड़ दिया। आखिर क्या था नीले बोरे का राज?
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शामली में एटीएस की दबिश। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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एनआईए व एटीएस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान उठाए दुकानदार साबिर को छोड़ दिया गया। उसने ड्रग्स के मामले में पंजाब की जेल में 12 साल बिताए हैं। उसे पाकिस्तान में रहने वाली अपनी बहन से मिलकर लौटते समय पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

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एनआईए के एसपी शैलेंद्र मिश्रा व एटीएस के इंस्पेक्टर उज्ज्वल ने बुधवार को नायब तहसीलदार व पुलिस के साथ मोहल्ला दरबार कलां में कांधला निवासी साबिर की दुकान खंगाली। साबिर व उसके बेटे साकिर को हिरासत में ले लिया था। वहीं, एक अन्य युवक को भी पूछताछ के लिए उठाया। कोतवाली में पूछताछ के बाद साकिर व दूसरे युवक को छोड़ दिया था। हालांकि साबिर को टीम कांधला ले गई थी। वहां उसके दूसरे मकान की तलाशी ली। 

हालांकि गुरुवार को परचून की दुकान पर बैठे साबिर के छोटे पुत्र फैसल ने बताया कि उसके पिता को टीम ने देर रात छोड़ दिया। फैसल ने बताया कि उसके पिता साबिर करीब कुछ साल पहले जेल से बाहर आए थे। साबिर की बहन पाकिस्तान में रहती है। उसके पिता पाकिस्तान में अपनी बहन से मिलकर वर्ष 2008 में लौट रहे थे। इस दौरान पाकिस्तान से आने वाले सामान में किसी ने कुछ गलत सामान रख दिया था। इस पर पंजाब पुलिस ने उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया था। 
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कोतवाली प्रभारी ने बताया कि साबिर ने ड्रग्स के मामले में 12 साल पंजाब की जेल में बिताए हैं। वहीं, एसपी अभिषेक झा ने बताया कि सूचना मिली है कि साबिर को छोड़ दिया गया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। 

क्या था नीले बोरे का राज
एनआईए व एटीएस बुधवार को साबिर की परचून की दुकान पर पहुंची। उन्होंने दाल, चावल, चीनी व अन्य समान के बोरों की तलाशी ली। साबिर की दुकान पर काम करने वाले बच्चे ने बताया कि टीम के लोग बार-बार नीले बोरे के बारे पूछ रहे थे। एनआईए व एटीएस की टीम जानती होगी या फिर साबिर को पता होगा कि नीले बोरे का क्या राज है।

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कांधला में भी मकान पर पसरा रहा सन्नाटा
साबिर के कांधला स्थित मकान पर भी बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। परिजनों ने किसी तरह की जानकारी देने से इनकार कर दिया।
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