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भविष्य में विकास, तरक्की की नई इबारत लिखेगा जिला

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शामली। आने वाले समय में शामली जिला विकास और तरक्की की नई इबारत लिखने को तैयार है। यहां कई बड़े-बड़े प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं, जबकि कई परियोजनाएं प्रस्तावित भी हैं। जिनके पूरा होने पर जिले की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी। विकास और तरक्की के नए आयाम स्थापित होंगे। एनसीआर में शामिल होने का लाभ भी जिले को मिलेगा।
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तीन बड़े हाईवे हैं निर्माणाधीन
जिले से होकर गुजरने वाले तीन बड़े हाईवे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का कार्य अंतिम चरण में हैं। मेरठ-करनाल हाईवे का कार्य भी तेजी से चल रहा है। पानीपत-खटीमा हाईवे के निर्माण कार्य में भी तेजी आई है। अगले वर्ष तक ये तीनों हाईवे बनकर तैयार हो जाएंगे। जिसके बाद दूसरे जिलों और राज्यों के साथ जिले की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
दो एक्सप्रेस-वे हैं प्रस्तावित
जिले से दो एक्सप्रेस वे भी होकर गुजरेंगे। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर और अंबाला शामली एक्सप्रेस वे के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू हो गया है। इनका निर्माण जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। जिससे और अंबाला तक चंद मिनटों ही पहुंचा जा सकेगा। अंबाला-शामली हाईवे का भविष्य में गोरखपुर तक विस्तार करने की योजना सरकार की है।
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पर्यटक स्थली के रूप में किया जाएगा विकसित
जिले को पर्यटक स्थली के रूप में विकसित किए जाने की योजना भी सरकार है। गंदेवड़ा संगम को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करने की घोषणा कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा कर चुके हैं। इसके अलावा इस्सोपुरटील में, कांधला के महादेव मंदिर और थानाभवन के जस्सूवाला मंदिर में भी मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्द्धन योजना के तहत विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
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अनियोजित विकास से चुनौती और समस्याएं भी बढ़ीं
शामली। जिले में अभी तक विकास प्राधिकरण का गठन नहीं हुआ। नतीजतन जिले में कोई भी सुनियोजित विकास नहीं हुआ। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण से ही जिले का काम भी देखा जाता है।
पिछले दस वर्षों में प्राधिकरण यहां कोई कॉलोनी नहीं बसा पाया है। जिले की आबादी के साथ ही आवासों की जरूरत बढ़ती गई। ऐसे में जिले में बेतरतीब तरीके से कई अनाधिकृत कॉलोनी विकसित हो गई। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2000 में शामली महायोजना वर्ष 2021 तैयार कराई थी। प्राधिकरण की बोर्ड बैठक के बाद आम जनता के समक्ष विचार-विमर्श के लिए रखा गया था। बाद में शामली महायोजना को शासन स्तर से स्थगित कर दिया गया था।
अब शामली के लिए महायोजना वर्ष 2031 तैयार की जा रही है। इसे तैयार करने के लिए एलमेंट ग्लोबल इंटरनेशनल कंपनी को कंसलटेट नियुक्त किया गया था। कंपनी ने महायोजना का सर्वे पूरा कर लिया है। शहर की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए और 2031 तक के विकास को देखते हुए महायोजना को तैयार किया गया है।
कंसलटेंट कंपनी की प्रोजेक्ट मैनेजर जया श्रीवास्तव के मुताबिक महायोजना 2031 का सर्वे पूरा हो गया है। समय की जरूरत को देखते हुए दिल्ली-सहारनपुर बाईपास, बनत बाईपास, पानीपत खटीमा का कंडेला बाईपास, मेरठ करनाल बाईपास को शहर की सीमा मानते हुए महायोजना को तैयार किया गया है। सर्वे के बाद महायोजना के संबंध में विचार विमर्श के लिए जल्द ही मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
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