गंगोह। पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी ने वक्फ संशोधन कानून का समर्थन करते हुए इसे मुसलमानों के हित में बताया है। उन्होंने कहा कि इस कानून से न मस्जिद टूटने वाली है, न मदरसे को कोई नुकसान पहुंचेगा। कानून के खिलाफ फैलाए जा रहे भ्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मुस्लिम समाज को भड़काने की कोशिशें बंद होनी चाहिए।
कस्बे में पूर्व सांसद ने कहा कि आज तक वक्फ की संपत्तियों का लाभ किसी गरीब, विधवा, यतीम बच्चे या जरूरतमंद को नहीं मिला। न ही बोर्ड ने किसी बेटी की शादी, बीमार की सहायता या पढ़ाई में सहयोग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड अपने मूल उद्देश्यों से भटक गया है और राजनीतिक हस्तियों तथा मुतवल्लियों ने इसका निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों से केवल दुकानों और जमीनों का आर्थिक दोहन हुआ है। पूर्व सांसद ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लोकतंत्र की हत्या और तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया। वहीं, हनुमान जयंती पर शोभायात्राओं पर हमलों को लेकर उन्होंने कट्टरपंथी नेताओं और मौलानाओं को जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।