चार दिन पहले हुई नवजात की मौत के मामले परिजनों ने बृहस्पतिवार की रात शामली सीएचसी पर जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि सीएचसी के चिकित्सकों की लापरवाही से ही नवजात की मौत हुई है। हंगामे के बाद परिजन उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत करने की बात कहते लौट गए।
कैराना क्षेत्र के एक गांव निवासी कुछ लोगों बृहस्पतिवार की रात सीएचसी पर जमकर हंगामा किया। बताया कि छह मई को उनके परिवार की महिला को प्रसव पीड़ा होने पर कैराना सीएचसी में ले जाया गया। चिकित्सकों ने आपरेशन की बात कहते हुए जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद प्रसूता को लेकर शामली सीएचसी पहुंचे। आरोप है कि प्रसव पीड़ा होने पर स्वास्थ्यकर्मियों ने लापरवाही से नवजात बच्चे का हाथ पकड़कर खींच दिया। इससे प्रसूता और बच्चे की हालत बिगड़ गई। इसके बाद अस्पताल कर्मियों ने आनन फानन में उन्हें रेफर स्लिप न देकर गाड़ी से उन्हें शामली में एक निजी अस्पताल में भेज दिया। यहां प्रसव के बाद नवजात बच्चे की मौत हो गई जबकि जच्चा की हालत गंभीर बनी हुई है। स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे किसी अधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में जब कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो सभी लोग मामले की उच्चाधिकारियों को शिकायत करने की बात कहकर लौट गए। परिजनों ने इस संबंध में अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी।
इस संबंध में सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डाक्टर रमेश चंद्रा ने बताया कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं आया है और न ही इस मामले की कोई शिकायत मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी।