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यातायात व्यवस्था नाम की, चालान तक सिमटी पुलिस

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शामली। हर साल की तरह इस बार भी नवंबर यातायात माह शुरू हो गया है। इसका उद्देश्य यातायात व्यवस्था में सुधार लाना होता है, लेकिन पिछले सालों की तरह यातायात व्यवस्था की समस्या जस की तस बनी रहती है।
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तीन हाईवे दिल्ली-शामली-सहारनपुर, मेरठ-करनाल हाईवे और पानीपत-खटीमा को जोड़ने वाले शामली शहर में मुख्य रूप से जाम की बड़ी समस्या रहती है, जिस कारण वाहनों को रेंगकर चलना मजबूरी बना है। यातायात माह में पुलिस चालान करने और जागरूकता के लिए कार्यक्रम आयोजित करने तक सीमित रह जाती है। जिले में यातायात व्यवस्था सुधार के लिए बाईपास और रेलवे फाटकों पर फ्लाई ओवर बनाने की जरूरत है। शहर के बीच में मेरठ-करनाल हाईवे पर डिवाइडर की जरूरत है। इनके अलावा कई प्रस्ताव शासन स्तर पर लटके हुए है। ऐसी स्थिति में यातायात व्यवस्था सुधारना यातायात पुलिस के लिए चुनौती बना रहता है।
शासन को भेजे गए ये प्रस्ताव
- शहर के पांच चौराहों समेत जिले में 12 स्थानों पर इलेक्ट्रिक सिग्नल लाइट लगना।
- चौराहों और तिराहों पर जेब्रा लाइन और स्टॉप लाइन बनना।
- 20 प्रमुख स्थानों पर कैट आई लगाया जाना।
- चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाना।
- नेशनल हाईवे पर अवैध कट बंद किए जाना।
- धीमानपुरा और बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर फ्लाई ओवर बनाया जाना।
नौ साल से धीमी चाल से चल रहा बाईपास का निर्माण
शहर में यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे को जोड़ने वाले बाईपास बनाने की योजना 2011 में शुरू हुई थी। करीब 10 किमी दूरी के बनने वाले इस बाईपास का निर्माण कार्य नौ साल बाद भी पूरा नहीं हो सका। इस बाईपास के बनने से शहर के बाहर से ही भारी वाहनों की आवाजाही होने से यातायात व्यवस्था में काफी हद तक सुधार होने की उम्मीद है। बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य अटका हुआ है, जिस कारण मिट्टी डालने का कार्य भी पूरा नहीं हो सका है।
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शहर में जाम के प्रमुख प्वाइंट
अजंता चौक चौराहा : यहां पर रोडवेज बस स्टैंड होने के कारण बसों का आवागमन रहता है। मेरठ-करनाल और दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे पर होने के कारण चौराहे पर वाहनों का दबाव रहता है।
विजय चौक चौराहा : पानीपत-खटीमा हाईवे और मेरठ-करनाल हाईवे पर होने के कारण इस चौराहे पर हल्के और भारी वाहन दिन रात बड़ी संख्या में गुजरते हैं।
गुरुद्वारा तिराहा : गुरुद्वारा तिराहा मोड़ पर भी जाम की स्थिति बनी रहती है। रेलपार बाईपास पर वाहनों का अधिक दबाव रहता है।
फव्वारा चौक चौराहा : यह चौराहा पानीपत-खटीमा और दिल्ली-शामली-सहारनपुर को जोड़ता है। इस चौराहे से बाजार में जाने-आने वाले लोगों की भीड़ रहती है।
रेलवे फाटक : शहर में मेरठ-करनाल हाईवे और पानीपत खटीमा हाईवे पर धीमानपुरा फाटक है। रेलवे फाटक दिन में 15 से 20 बार बंद होता है, जिससे शहर में जाम की समस्या बनती है।
जनपद में यातायात पुलिस की स्थिति
टीएसआई : 1
हेड कांस्टेबल : 6
कांस्टेबल : 8
होमगार्ड : 35
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कोट
जिले में उपलब्ध संसाधन और स्टाफ से यातायात व्यवस्था बेहतर से बेहतर बनाने की कोशिश रहती है। यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम और उल्लंघन करने वाले वाहनों के चालान किए जाते हैं। यातायात व्यवस्था में और सुधार के लिए कई प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। बाईपास का निर्माण होने पर शहर में भारी वाहनों की आवाजाही रुकेगी और यातायात व्यवस्था में काफी हद तक सुधार आएगा। - भंवर सिंह, जिला यातायात प्रभारी।
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