झिंझाना। कैराना सीट पर सपा प्रत्याशी नाहिद हसन के लिए नगर पंचायत झिंझाना के चेयरमैन सरफराज खां मुश्किल पैदा कर सकते हैं। उन्होंने कैराना सीट पर चुनाव लड़ने की बात कही है। जाहिर है कि सरफराज चुनाव लड़े तो कैराना सीट पर मुस्लिम वोटरों में बंटवारा होगा, जिसका नुकसान सपा प्रत्याशी नाहिद हसन को होगा।
हाजी सरफराज खां झिंझाना चेयरमैन होने के साथ ही समाजवादी पार्टी में भी हैं। उन्होंने शुक्रवार को झिंझाना में अपने समर्थकों के साथ बैठक की। समर्थकों से बातचीत के बाद सरफराज खां ने कहा कि कैराना सीट पर वह चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की टीम में शामिल होने का दावा किया।
इस दौरान राव सलीम, इरफान, यामीन, लियाकत, अशोक शौकीन राणा, सुरेश गर्ग, महबूब, अश्वाक कुरैशी, मांगा प्रधान, इकराम, नरेंद्र, दिलदार सैनी, डाक्टर गुलाबसिंह, सरनसिंह, हाजी अब्बास आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। गौरतलब है कि कैराना सीट पर सपा ने विधायक नाहिद हसन को प्रत्याशी घोषित किया है।
बसपा ने दिवाकर कश्यप को प्रत्याशी बना हुआ है, जबकि कांग्रेस, रालोद और भाजपा ने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। अभी तक नाहिद हसन ही कैराना सीट पर एकमात्र मुस्लिम प्रत्याशी हैं।
इस लिहाज से नाहिद हसन खुद को मजबूत मान सकते हैं, मगर एक और मुस्लिम चेहरा चुनाव मैदान में उतरता है, तो मुस्लिम वोटरों में बंटवारा होना तय है। वहीं, चेयरमैन सरफराज खां चुनाव लड़ते हैं, तो झिंझाना के मुस्लिम वोटरों के अलावा आसपास में अपने असर से वह जितने भी वोट लेंगे, वह सपा प्रत्याशी को ही नुकसान पहुंचाएंगे। वैसे चुनाव में वोटरों का रुझान क्या होगा और किस प्रत्याशी को जनता देती है, यह तो चुनाव नतीजों से ही पता चलेगा।