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लाइनों का बोझ हुआ कम, परेशानी बरकरार

Sat, 31 Dec 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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public news - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। नोटबंदी को लागू हुए 50 दिन पूरे हो गए। यह समय ग्राहकों के लिए परेशानियों के साथ बीता, मगर अब हालातों में सुधार होता दिखाई दे रहा है। पहले जैसी भीड़ बैंक और एटीएम पर नहीं लग रही है। इक्का दुक्का एटीएम पर भीड़ रहती है। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के बैंक और एटीएम पर अब भी लोगों को पर्याप्त कैश नहीं मिल रहा है। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी लागू कर पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोट का प्रचलन बंद कर दिया था। पुराने नोट जमा कराने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर तक रखी गई थी। शुरुआती दिनों में बैंकों और एटीएम पर कैश को लेकर मारामारी मची रही थी। रोजाना ही बैंक शाखाओं और एटीएम पर ग्राहकों द्वारा हंगामा किया गया। इसके चलते पुलिस को भी शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी।

जैसे जैसे बैंक शाखाओं में कैश की किल्लत दूर हुई, तो हंगामों का दौर भी खत्म होता गया। अब स्थिति यह है कि इक्का दुक्का बैंक पर कम कैश मिलने की शिकायत के चलते ग्राहकों में गुस्सा है। लीड बैंक मैनेजर हरपाल सिंह तोमर के मुताबिक जिले में बैंकों की 106 शाखाएं हैं, जिनमें पीएनबी की 19 शाखा हैं। इन शाखाओं में अब तक करीब 984 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा कराए गए। वहीं, करीब 17 करोड़ 28 लाख रुपये एक्सचेंज किए गए,  जबकि 263 करोड़ 39 लाख कैश का भुगतान बैंकों द्वारा ग्राहकों को किया गया। 
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कम नहीं हुई परेशानी
एसबीआई शाखा पर लाइन में लगे राकेश कुमार, मनोज, विपिन और जितेंद्र का कहना था कि बैंक से एक बार में सिर्फ 10 हजार रुपये का कैश दिया जा रहा है। सप्ताह में यदि एकमुश्त 24 हजार रुपये कैश मिल जाए, तो बार बार लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। लाइन में लगीं बड़ा बाजार निवासी शीला देवी ने बताया कि बैंक से उनकी बेटी कैश निकालेगी, वह स्कूल में पढ़ाती है।

तीन बजे छुट्टी होने पर वह आएगी, तब कैश निकालूंगी। वर्मा मार्केट स्थित सर्वयूपी ग्रामीण बैंक पर लाइन में लगे रामनिवास ने बताया कि 50 दिन में कई बार वह लाइन में लगा, जिसके चलते उसे अब तक 30 हजार रुपये मिल सके। उनकी बेटी की शादी में उधार सामान लेकर खर्च किया गया था, जिसका भुगतान करने के लिए कैश की जरूरत है। 

लिलौन निवासी त्रिलोक चंद ने बताया कि अब तक 20 हजार रुपये मिल सके हैं। खाद, बीज और अन्य जरूरी कार्यों पर खर्चा करना मुश्किल हो रहा है। झाल गांव निवासी धर्मपाल का कहना था कि बैंकों पर सीनियर सिटीजन के लिए अलग से व्यवस्था नहीं हुई।

कैशलेस सेवा के प्रति जागरूक किया
चौसाना। कैशलेस इंडिया योजना के तहत क्षेत्र के कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाकर छात्र-छात्राओं को भी कैशलेस सेवा के प्रति सजग किया। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में इस सेवा के प्रति अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया। शुक्रवार को कॉमन सर्विस सेेंटर के संचालकों ने चैसाना क्षेत्र के गांव कमालपुर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, नाई नंगला, मंगलौरा, ऊदपुर, खोडसमा, सकोती आदि गावों स्कूलों में कैंप लगाए।

इसमें छात्र-छात्राओं और अध्यापकों को कैशलेस होने के फायदे बताए गए। कैशलेस को  मोबाइल और यूएसएसडी कोड से संचालन के बारे में भी बताया गया। एटीएम और ई-वॉलेट के प्रयोग के बारे में बताया गया। इस दौरान सीएससी संचालक मोहित कुमार, नरेश कुमार, अभिषेक, हरेंद्र, प्रदीप कुमार, आदेश कुमार, संदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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