शामली। जिला पंचायत वार्ड 14 पर हारजीत का फैसला मुसलिम मतदाताओं के प्रतिशत पर आकर टिक गया है। यदि मुसलिमों ने इकरा हसन के पक्ष में लामबंद होकर वोट डाले, तो मनीष चौहान की राह मुश्किल हो जाएगा। यदि बिखरा हुआ, तो फैसला मनीष के पक्ष में आने की उम्मीद है।
दरअसल, इस वार्ड पर करीब 22 हजार मुसलिम मतदाता है, तो हिंदू गुर्जरों की संख्या करीब 18 हजार है। विधायक नाहिद हसन और उनके पूर परिवार ने मुसलिम वोटरों को एकजुट करने की भरसक कोशिश की। हालांकि एमएलसी वीरेंद्र सिंह की क्षेत्र के मुसलिमों में अच्छी पैठ है, जिसका फायदा पूर्व के चुनावों में उन्हें मिलता रहा है। अब देखना यह होगा कि कांधला क्षेत्र के मुसलिमों में बिखरा हुआ, या एकजुटता से वोटिंग किया। इसी से हार जीत का निर्णय सामने आएगा।
वार्ड 19 पर जाटों के हाथ जीत की कुंजी
जिला पंचायत वार्ड 19 क्षेत्र में गांव भैंसवाल, सिलावर, धनेना, जंधेड़ी सहित बहुत से गांव जाट बहुल हैं। इस सीट से बसपा समर्थित प्रत्याशी संतोष देवी पत्नी प्रसन्न चौधरी भी जाट बिरादरी से हैं, तो रालोद समर्थित प्रत्याशी हिमांशी पत्नी विक्रांत उर्फ छोटा भी जाट हैं। इन दोनों प्रत्याशियों में जाट वोट ज्यादा से ज्यादा लेने की होड़ रही। इस क्षेत्र के गांवों में मुसलिम और अन्य बिरादरी के वोटों में भी बिखराव की संभावना है।