व्हिसपर चॉइस और अमर उजाला की ओर से शहर के सिटी ग्रीन में आयोजित सपनों की उड़ान कार्यक्रम में महीने के उन पांच मुश्किल दिनों से जुड़ी परेशानियों और भ्रांतियों से बेटियों के साथ उनकी माताओं को भी रूबरू कराया गया। कार्यक्रम की सेलिब्रेटी मिसेज यूनिवर्स माया सिंह ने कहा कि पीरियड्स हमारी कमजोरी नहीं है बल्कि नारी शक्ति का ही एक रुप हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मिसेज यूनिवर्स माया सिंह, मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर विशाखा, समाजसेवी वीना अग्रवाल, रीतू गोयल, सेल्फ डिफेंस ट्रेनर कोमल सिंह, नेशनल शूटर रिचा मलिक ने संयुक्त रुप मां सरस्वती के चित्र पर दीप जलाकर किया। कार्यक्रम सुबह 10 और 12 बजे दो शिफ्टों में चला। इसमें करीब दो हजार स्कूली छात्राएं और उनकी माताएं पहुंचीं। कार्यक्रम की मिसेज यूनिवर्स माया सिंह ने कार्यक्रम में आईं बेटियों को सलाह दी कि वे अपनी हर समस्या और परेशानी को अपनी माता से साझा करें। मां ही आपकी सबसे अच्छी दोस्त और सलाहकार होती है, इसलिए मां से बेझिझक होकर अपनी बात शेयर करें। स्त्री रोग विशेषज्ञ शामली सीएचसी की मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर विशाखा कार्यक्रम में मौजूद मां बेटियों से रूबरू हुईं। वीडियो क्लिप के माध्यम से बेटियों को मासिक धर्म की जानकारी दी। बीएसएम स्कूल की छात्राओं ने ताइक्वांडो का डेमो भी दिया। सभी मां बेटियों को जागरूक मां बेटी होने की शपथ भी दिलाई गई।
पीरियडस का समय समस्या नहीं : डॉक्टर विशाखा
मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर विशाखा ने कहा कि पीरियड को समस्या या परेशानी बिल्कुल ना मानें। यदि एक निर्धारित समय केबाद आपको पीरियडस नहीं आ रहे हैं तो समस्या जरूर हो सकती है। इसके लिए चिकित्सक से मिले। ये भी सलाह दी कि इस दौरान कपड़े की बजाय पैड का प्रयोग करें ताकि संक्रमण की आशंका ही ना हो। अच्छा खानपान, दूध, पनीर, दालें ,हरी सब्जियां किशोरावस्था में बहुत जरूरी हैं।
बेटियों को रोके नहीं आगे बढ़ने दें : कोमल सिंह
ताइक्वांडो सेल्फ डिफेंस ट्रेनर और नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट कोमल सिंह ने बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि बेटियां अंदर से इतनी मजबूत बने कि कोई दूसरा उन्हें गलत निगाहों से देखने की हिम्मत भी न करे। इसके लिए तन के साथ मन से भी मजबूत होना जरूरी है। माताओं से कहा कि वे अपनी बेटियों पर भरोसा करें। उन्हें रोके नहीं आगे बढ़ने दें।
गलत का आभास होते ही सचेत हो जाएं : रिचा मलिक
नेशनल शूटर रिचा मलिक ने शूटिंग के अलावा सेल्फ डिफेंस के टिप्स भी छात्राओं को दिए। बताया कि यदि किसी भी गलत हरकत का आभास हो जाए, तो तुरंत सचेत हो जाएं। संभव को तो 100 नंबर पर काल करें दें। यदि कोई लगातार पीछा करता है तो मम्मी पापा को उसी दिन ये जानकारी दे दें।
बेटियों पर अपनी पसंद ना थोपें : वीना, रीतू
समाजसेवी वीना अग्रवाल रीतू गोयल ने कहा कि समाज में कुछ लोग आज भी बेटियों के आगे बढ़ने में बाधक हैं, उन पर अपनी मर्जी थोपते हैं लेकिन समय बदल रहा है। बेटियों को उनकी इच्छा के अनुसार आगे बढने का मौका दे। बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। कहा कि पीरियड्स को लेकर आज भी लोग गलत भ्रांतियां पाले हैं, जो गलत है। कपड़े का नहीं अब पैड का जमाना है।
डेमो से किया छात्राओं को जागरूक
कार्यशाला में व्हिस्पर की डीटीसी मोनिका बेनीवाल ने अपनी टीम के साथ पीरियड्स के दौरान क्या करें ,क्या न करें के बारे में टिप्स डेमों के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने डेमो से पैड के महत्व की जानकारी दी। बताया कि पीरियड्स के दौरान कपड़ा लगाना कितना गलत होता है और पैड कितने सुरक्षित होते हैं। मां ओर बेटियों को मंच पर बुलाकर उन्हें ये टिप्स दिए गए। व्हीस्पर के टीम लीडर राजीव सैनी भी मौजूद रहे।
लक्की ड्रा के विजेताओं को मिले पुरस्कार
कार्यक्रम के अंत में लकी ड्रा भी निकाला गया। इसमें पांच भाग्यशाली बेटियों खुशबू, आकृत्ति मित्तल, आस्था, भारती शर्मा, स्नेहा को व्हिसपर की ओर से पुरस्कार स्वरुप बैग दिए गए। बाद में कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और कार्यक्रम की मां और बेटियों दोनों ने सराहना की।
जंक फूड छोडे़ं, दूध मट्ठा पिएं : माया सिंह
मिसेज यूनिवर्स 2015 माया सिंह ने मां और बेटियों दोनों से रूबरू होकर उनके सवालों के जवाब दिए। कहा कि आज भी कुछ लोगों की पीरियड को लेकर गलत सोच है। इस अवधि के दौरान आचार ना डालो, खराब हो जाएगा। ठंडा पानी ना पिओ। ये ना करो वो ना करो। ऐसा करने से पाप लगेगा ये सब चीजें महिलाओं को कही जाती है, जो बिल्कुल गलत है। वह खुद इस अवधि में सारे काम करती हैं। आचार तक अपने घर में वे डालती हैं। कहा कि बेटियों को अपने खान पान पर भी ध्यान देना चाहिए। आजकल किशोर बेटियां जंक फूड पर ध्यान देती हैं जो ठीक नहीं है। दूध, दही, मट्ठा पिएं। वे खुद अपने घर में फेट निकालकर मट्ठी पीती हैं। हर चीज लिमिट से खाएं पिएं। योग करें। खान पान की कोई गलत आदत भी एकदम नहीं छूटती। वक्त लगता है। इसलिए सब कुछ व्यवस्थित रखें।