शामली। जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निकायों में बनाए गए मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) बंद पड़े हैं, जिस कारण कूड़ा कचरे का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत कूड़ा प्रबंधन के लिए शासन ने सभी नगर निकायों में एमआरएफ सेंटर बनाने के लिए बजट जारी किया था। एमआरएफ सेंटर पर सूखे कूड़े में शीशा, लोहा, प्लास्टिक, पत्थर आदि मैटीरियल को अलग-अलग करने का काम किया जाना है। बृहस्पतिवार को टीम ने एमआरएफ सेंटरों का हाल देखा।
शामली में नगरपालिका ने मोहल्ला पंसारियान में करीब 900 वर्ग मीटर भूमि पर एमआरएफ सेंटर बनाया है। इस सेंटर को बनाने में करीब 32 लाख रुपये की लागत आई है। कूड़े से मैटिरियल अलग करने के लिए करीब 15 लाख रुपये कीमत की फटका मशीन, कनवेयर बेल्ट आदि लगाए गए हैं।
लेकिन यहां मशीनें बंद पड़ी थी। सेंटर के बाहर पड़े सूखे-गीले कूड़े से दो युवक प्लास्टिक और गत्ता निकाल रहे थे। उनका कहना था कि करीब एक माह पहले मशीनों का ट्रायल हुआ था। इसके बाद मशीनें नहीं चली है। मशीनें चलाने लायक सूखा कूड़ा अभी इकट्ठा नहीं हुआ है।
सूखा कूड़ा अलग न मिलने से बनी समस्या
नगरपालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आदेश सैनी ने बताया कि एमआरएफ सेंटर के संचालन की जिम्मेदारी सहारनपुर की संस्था को दी गई है। एक महीने से मशीनें चल रही है। सेंटर पर सूखे कूड़े की जरूरत है, लेकिन शहर से नागरिक सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग न देकर एक साथ देते हैं, इसलिए पहले उस गीले कूड़े की छंटाई करनी पड़ती है। फिलहाल तीन गाड़ी यानि करीब एक टन कूड़ा ही एमआरएफ सेंटर पर भेजा जा रहा है।
झिंझाना में एमआरएफ सेंटर पर लगा ताला
झिंझाना कस्बे में 33.67 लाख रुपये की लागत से हसनपुर मार्ग पर 2022 में एमआरएफ सेंटर बनकर तैयार हो गया था, लेकिन अभी तक चालू नहीं हुआ है। एमआरएफ सेंटर खुद कूड़ा बना हुआ है। अंदर घास उगी हुई लाखों रुपये कीमत की ट्रोमन मशीन जंग खा रही है। पहले यह मशीन खुले में रखी थी, इस पर हाल ही में शेड डालकर ढका गया। अधिशासी अधिकारी समीर कश्यप ने बताया कि बिजली का ट्रांसफार्मर लग चुका है, अभी लाइन का एक तार और डलना शेष है। बिजली की लाइन चालू होते ही सेंटर चालू करा दिया जाएगा।
ऊन के एमआरएफ सेंटर में उगी घास
कस्बे में कूड़े के निस्तारण के लिए भंभेडी शाहपुर रोड पर एमआरएफ सेंटर बना हुआ है। इसमें मशीन भी लगी है और बिजली का कनेक्शन भी चालू है, लेकिन इस पर ताला लटका मिला। इसके परिसर में बड़ी-बड़ी घास खड़ी है। कूड़े का निस्तारण न होने के कारण सफाई कर्मचारी कस्बे में ही जगह-जगह कूड़ा डालते हैं। डीएवी इंटर कॉलेज के पास कूड़े का डंपिंग ग्राउंड बना दिया गया है, जिससे कस्बेवासी परेशान है। अधिशासी अधिकारी द्वारा एक नवंबर से इसे चालू करने की बात कही थी, लेकिन यह आज तक चालू नहीं हो सका है।
शामली में बने एमआरएफ सेंटर पर लगी मशीन। संवाद