शामली। शिक्षा विभाग ने सरकारी और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के बच्चों के आधार नंबर मांगे हैं, मगर अब तक जिले के स्कूलों में आधे से ज्यादा बच्चों के पास आधार कार्ड ही नहीं हैं। स्कूलों की ओर से कहने के बाद अभिभावक बच्चों के आधार कार्ड बनवाने के प्रयास में लगे हैं, जिसके चलते जनसेवा केंद्रों पर भी अभिभावकों की भीड़ पहुंच रही है।
एक सप्ताह पूर्व ही बीएसए ने समस्त सरकारी और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर कहा था कि बच्चों के आधार कार्ड नंबर बीएसए कार्यालय में उपलब्ध कराएं।
इसके बाद स्कूलों की ओर से बच्चों के अभिभावकों को आधार कार्ड जमा कराने के लिए कहा गया। फिलहाल की स्थिति यह है कि जिले में सरकारी स्कूलों में करीब 82 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। वहीं, मान्यता प्राप्त स्कूलों में करीब 55 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से अब तक करीब 32 हजार बच्चों के आधार कार्ड नंबर ही बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराए जा सके हैं।
वहीं, सीबीएसई ने भी सभी स्कूलों से बच्चों के आधार कार्ड नंबर मांगे, लेकिन वहां भी यही स्थिति सामने आई। जिले में सीबीएसई के 29 विद्यालय चल रहे हैं, जिनमें से महज 20 प्रतिशत बच्चों के ही आधार कार्ड नंबर उपलब्ध हो सके हैं। सीबीएसई स्कूलों के संगठन सहोदय के जिला अध्यक्ष यशपाल पंवार का कहना है कि बच्चों के आधार कार्ड नंबर देने से पारदर्शी व्यवस्था बनेगी। इसमें स्कूल संचालकों के साथ ही अभिभावकों को आधार कार्ड जमा कराने चाहिए।