शामली। यूपी और हरियाणा के प्रमुख शहरों में रोडवेज बसों के संचालन के लिए इसी माह दोनों राज्यों के राज्य स्तरीय अफसरों की बैठक हो सकती है। परिवहन निगम के आला अफसरों के निर्देश पर वेस्ट यूपी के जिला मुख्यालयों से हरियाणा प्रांत के नजदीकी शहरों को रोडवेज बसों की बेहतर सेवा दिए जाने के लिए मसौदा तैयार किया जा रहा है। इस मसौदे के लखनऊ पहुंचने के बाद दोनों प्रांतों के अधिकारियों की बैठक तय हो सकती है।
मेरठ-करनाल मार्ग पर यमुना सेतु का निर्माण होने के बाद हरियाणा और यूपी की रोडवेज बसों का संचालन एक दूसरे प्रांतों में नहीं हो रहा है। दोनों प्रांतों की रोडवेज बस यमुना पुल के दोनों ओर रुक जाती हैं। यूपी-हरियाणा राज्य परिवहन विवाद सुलझाने के लिए मामला केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान, भाजपा सांसद हुकुम सिंह, उत्तर प्रदेश योजना आयोग के सदस्य डॉक्टर सुधीर पंवार तक पहुंचा।
डीएम सुजीत कुमार ने इस मामले में शासन के परिवहन सचिव, परिवहन आयुक्त, आरएम सहारनपुर को पत्र भेजकर समस्या समाधान कराने के लिए पत्र लिखा था।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन के प्रबंध निदेशक मृत्युंजय कुमार ने हरियाणा परिवहन विवाद सुलझाने के लिए सहारनपुर रीजन के आरएम एसके बनर्जी को नोडल अधिकारी नामित कर किया। साथ ही हरियाणा प्रांत के जिला मुख्यालयों एवं प्रमुख शहरों में यूपी रोडवेज बसों के संचालन के लिए मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए थे।
सहारनपुर रोडवेज रीजन की बसों का हरियाणा में संचालन के लिए मसौदा तैयार होकर लखनऊ भी चला गया है। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक इसी माह हरियाणा परिवहन मसौदे पर दोनों राज्यों के अधिकारियों की बैठक पर समझौते की मुहर लग जाएगी। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो नए साल से हरियाणा- यूपी रोडवेज की बसें वेस्ट यूपी के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, शामली, हरियाणा के नजदीकी जिले पानीपत, यमुनानगर, करनाल, अंबाला, रोहतक, चंडीगढ, सोनीपत, हिसार, सिरसा, भिवानी, जींद, कैथल, झज्जर आदि जिलों में दौडे़ंगी। उत्तर प्रदेश योजना आयोग के सदस्य सुधीर पंवार ने बताया कि हरियाणा परिवहन विवाद सुलझाने के लिए उत्तर प्रदेश के परिवहन सचिव आराधना शुक्ला से लखनऊ में मिलेंगे।