शामली से अब तक 18 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिकों की रवानगी
शामली। डीएम जसजीत कौर के अनुसार जनपद में अब तक कुल मिलाकर 18530 प्रवासी श्रमिक आए हैं। इनमें 376 शामली जनपद के रहने वाले हैं, जबकि 17695 प्रवासी श्रमिक उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों के रहने वाली थे। इसके अलावा बिहार राज्य के 315 ,उत्तराखंड के 41 झारखंड से 31,मध्य प्रदेश के 72 प्रवासी श्रमिक हैं। इन सभी 18530 प्रवासी श्रमिकों को आज तक आश्रय स्थलों से 511यूपी रोडवेज की बसों से प्रवासियों को उनके जनपद में भेज दिया गया है। बिहार के कुछ श्रमिक यहां रुके हैं, जिन्हें ट्रेन से व्यवस्था होने पर भेजा जाएगा। जिलाधिकारी के मुताबिक इन प्रवासी श्रमिकों में से कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं है।
यमुना के रास्ते आने की कोशिश
झिंझाना। हरियाणा से यमुना के रास्ते पैदल यूपी बार्डर पार करने के प्रयास में लगे कुछ प्रवासी श्रमिकों ने बिडौली सादात में खेतों में डेरा डाला है। एक प्रवासी रामलला निवासी एटा, महेंद्रप्रताप निवासी हरदोई ने बताया की वह अपने बच्चों के साथ पंजाब में नौकरी कर रहे थे। मिल बंद होने पर अपने गांव वापस जा रहे हैं। चंडीगढ़ से बिडौली यूपी बार्डर पर कई दिनों की मशक्कत के बाद पैदल पहुंचे थे, लेकिन यूपी पुलिस ने आगे नही जाने दिया। नतीजतन पैदल यमुनापार की है। भोजन की व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में तहसीलदार उन अजय कुमार शर्मा ने बताया की उन्हें भी प्रवासी मजदूरों के यमुना के रास्ते आने की सूचना मिल रही है। टीम को भेजकर सभी को शेल्टर होम के माध्यम से ही नियमानुसार उनके जिलों को भेजा जाएगा।
रैन बसेरे में ठहराए 60 प्रवासी श्रमिक
थानाभवन कस्बे के चरथावल बस स्टैंड के सामने सिटी गार्डन में नगर पंचायत द्वारा रैनबसेरा बनाया गया है। रविवार को हरियाणा व पंजाब में मजदूरी करने वाले 60 महिला व पुरुष मजदूर पैदल चलकर अपने घरों को जा रहे थे । पुलिस ने उन्हें रोककर नगर पंचायत की मदद से उन्हें सिटी गार्डन में ठहरा दिया। नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मेघा गुप्ता ने बताया कि रैनबसेरे में मजदूरों की पूरी व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से इन्हें घर पहुंचाने की व्यवस्था कराई जा रही है।