फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी जी कलम चलाओ, दो बच्चों का कानून बनाओ

विज्ञापन
शामली कलक्ट्रेट में छात्रों के साथ धरने पर बैठे जयवीर सिंह कुड़ाना। - फोटो : SHAMLI
विज्ञापन
शामली। जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग को लेकर जयवीर कुड़ाना के नेतृत्व में आमरण अनशन और बेमियादी धरना सोमवार से कलक्ट्रेट में शुरू हो गया। आमरण अनशन पर बैठे जयवीर कुड़ाना ने कहा कि मोदी जी कलम चलाओ, दो बच्चों का नियम बनाओ की मांग की।
विज्ञापन

सोमवार को शामली के तहसील परिसर में सुबह 10 बजे नितिन स्वामी भागवत स्कूल के चार छात्र आमरण अनशन पर बैठ गए। छात्रों के समर्थन में सरकार से जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग के लिए उच्च शिक्षा विचार मंच के संयोजक चौधरी जयवीर सिंह तहसील पहुंचे और आमरण अनशन पर बैठ गए। आमरण अनशन पर बैठे चारों छात्र नितिन स्वामी भागवत उम्र 16 कक्षा 11, नितिन मलिक शास्त्री उम्र 18 कक्षा बीए प्रथम वर्ष, पंकज कुमार उम्र 16 वर्ष कक्षा 11 , विपिन चौहान उम्र 16 कक्षा 11 तथा जयवीर मलिक कुडाना ने सरकार से कानून बनाने की मांग की। आमरण अनशन के समर्थन में शामली नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल, पूर्व विधायक बलबीर सिंह, जिला ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, योगेंद्र पंवार, कंवरपाल, रज्जो प्रधान, आदिल अंसारी, माज खान, साहिल शेख़, आशिफ राणा, रोशन चौधरी, अरुण कुमार, संजय कुमार, कपिल जख्मी, राहुल सैनी, विपिन कुमार पहुंचे। शामली नगर पालिका के पूर्व चेयरमेन अरविद संगल ने बताया कि आमरण अनशन पर बैठे छात्रों को मनाने के लिए मौके पर गए थे। छात्रों को आश्वासन दिया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भिजवाया जाएगा, मगर वह नहीं माने हैं। उच्च शिक्षा विचार मंच के संयोजक जयवीर कुड़ाना ने बताया कि आमरण अनशन पर जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा कोई सुध नहीं ली है। न ही स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आए हैं।
अभी छात्र हैं, युवा होने पर हो जाएंगे बेरोजगार
शामली। आमरण अनशन पर बैठे घसौली गांव के हिंदू इंटर कालेज के कक्षा 11 के छात्र नितिन स्वामी भागवत का कहना है कि अभी वह बच्चे हैं, मगर युवा होने पर बेरोजगार हो जाएंगे। अभी 72 हजार नौकरी के लिए 500 पीएचडी ने आवेदन किया है। नौकरी पता नहीं कब लगेेगी। इसी बेरोजगारी पर नियंत्रण करने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून के हिमायती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें