शामली। बकाया गन्ना मूल्य को लेकर किसानों का सब्र जवाब दे रहा है। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर पहुंचे ऊन शुगर मिल के यूनिट हेड को घेरकर किसानों ने जमकर हंगामा किया। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई, जो बड़ी मुश्किल से शांत हो सकी।
बृहस्पतिवार शाम ऊन शुगर मिल के यूनिट हेड जीएस खेरा जिला गन्ना अधिकारी से मुलाकात करने उनके कार्यालय पहुंचे। इसी दौरान भाकियू नेता विनोद निर्वाल और समिति डायरेक्टर पुष्पेंद्र निर्वाल सहित दर्जनों किसान भी वहां पहुंच गए। जीएस खेरा को घेरकर किसानों ने कहा कि किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा।
किसानों ने कहा कि पूर्व में जब ऊन शुगर मिल पर धरना प्रदर्शन किया गया था, तब से गन्ना भुगतान रुका हुआ है। तब भुगतान के चेक बाउंस होने पर रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। वहीं, किसानों का कहना था कि ऊन शुगर मिल में पेराई सत्र बंद होने वाला है, लिहाजा शीघ्रता से किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान कराया जाए। साथ ही किसानों ने आरोप लगाया कि ऊन मिल प्रबंधन द्वारा क्षेत्र में बगैर पर्ची के अवैध रूप से गन्ना खरीद किया जा रहा है, जिसका नुकसान किसानों के साथ ही सरकार को भी हो रहा है।
यूनिट हेड जीएस खेरा से विनोद निर्वाल की तीखी झड़प हुई, जिससे हंगामा और बढ़ गया। वहीं यूनिट हेड के ड्राइवर के साथ तो हाथापाई भी हो गई। जिला गन्ना अधिकारी अनिल भारती ने बामुश्किल किसानों को समझाकर शांत किया। साथ ही जिलाधिकारी सुजीत कुमार से किसानों की फोन पर बातचीत हुई।
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि ऊन शुगर मिल ने 31 दिसंबर तक का गन्ना मूल्य भुगतान आगामी सात अप्रैल तक करने का वादा किया है। उसके बाद 15 दिन के अंतराल का भुगतान नियमानुसार कराया जाएगा। विनोद निर्वाल ने बताया कि जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि शुक्रवार को मिल अधिकारियों की मीटिंग बुलाकर गन्ना मूल्य भुगतान का निर्देश दिया जाएगा।
इस आश्वासन पर किसान शांत होकर लौट गए। इस दौरान भाकियू नेता विनोद निर्वाल, पुष्पेंद्र डायरेक्टर, अजय पंवार, कुशलपाल, सुदेश, गोविंद, ओमपाल सिंह, प्रशांत, विजय, सुशील, सुभाष, ओमबीर सिंह, मांगा और कालू आदि मौजूद रहे।