शामली। अनलॉक-1 में बाजार खुल गए हैं और बसें भी दौड़ने लगी हैं। सड़कों पर फिर से ऑटो, ई-रिक्शा की भरमार हो गई है। जिस कारण दिन में प्रदूषण के रुप में इसका दुष्प्रभाव भी नजर आने लगा है। लॉकडाउन के दौरान 65 एक्यूआई रहने वाला प्रदूषण का पारा दुगने से भी ऊपर पहुंच गया है। जाहिर है कि आने वाले दिनों में प्रदूषण की बड़ी मार लोगों को झेलनी पडे़गी।
लॉकडाउन से पहले लोग प्रदूषण से बेहाल थे। आंखों में जलन और सांस में तकलीफ की दिक्कत होने लगी थी। लॉकडाउन के बाद वाहन चलने बंद हो गए थे। जिससे सड़कें खाली हो गई थीं। इसका असर हुआ कि प्रदूषण के मानक स्तर में जबर्दस्त गिरावट आई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार लॉकडाउन लगने के बाद तीन अप्रैल को प्रदूषण स्तर 65 एक्यूआई पर था, लेकिन अब लॉकडाउन खुलने के बाद तीन जून सुबह 10 बजे प्रदूषण दुगने से भी ज्यादा 115 एक्यूआई हो गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दो जून की रात को मुजफ्फरनगर/शामली का प्रदूषण 158/149 एक्यूआई तक पहुंच गया था। रात के समय सड़कों पर माल वाहक वाहनों की आवाजाही बढ़ने की वजह से ये स्तर भी बढ़ जाता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों से साफ है कि लॉकडाउन खुलने के बाद प्रदूषण बढ़ना भी शुरू हो गया है। धीरे-धीरे ये और बढ़ने की संभावना है कि अगले कुछ दिनों से बढ़ता प्रदूषण फिर से लोगों की मुश्किल बन सकता है।
शामली-मुजफ्फरनगर का प्रदूषण का स्तर
तीन अप्रैल 75/65
तीन जून 124/115 (सुबह 10 बजे तक)
कोट
लॉकडाउन में बाजार बंद थे। वाहन भी नहीं चल रहे थे इस वजह से प्रदूषण स्तर काफी नीचे आ गया था। अब वाहन चलने लगे हैं और बाजार में भी भीड़ हो रही है। ऐसे में प्रदूषण स्तर भी बढ़ गया है। संभव है कि जैसे जैसे ट्रैफिक बढे़गा ये और भी बढ़ सकता है। बेहतर है कि लोग जरूरी होने पर ही वाहनों का प्रयोग करें। - डीसी पांडेय, सहायक वैज्ञानिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड