शामली। शासन के निर्देश पर निराश्रित गोवंशों को पकड़ने के लिए अधिकारियाें की बैठक पर बैठकें होती हैं। शासन स्तर पर भी हर सप्ताह सोमवार को समीक्षा होती है। अधिकारी गोवंशों को पकड़कर गोशाला में भेजने के दावे करते हैं, लेकिन इसके बाद भी सड़कों से लेकर खेतों में गोवंश डेरा जमाए रहते हैं और फसलों को चौपट कर रहे हैं। शासन-प्रशासन के गोवंश पकड़ने की कवायद के बाद भी लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है।
फसलों को चौपट करने वाले निराश्रित गोवंशों को पकड़ने के लिए शासन के निर्देश पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। शासन ने पहले एक नवंबर से 31 दिसंबर तक गोवंशों को पकड़ने का अभियान चलाया था। इसके बाद यह अभियान बढ़ाकर 16 जनवरी तक और अब इस अभियान की तारीख बढ़ाकर 31 जनवरी तक कर दी गई है। गोवंश को संरक्षित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान में शासन स्तर से 800 गोवंश को पकड़ने का लक्ष्य दिया गया है। इस अभियान में छह विभाग ब्लॉक, पंचायतीराज, विकास विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, नगर निकाय और पुलिस विभाग को शामिल किया गया है। डीएम व सीडीओ स्तर पर भी बैठकों का दौर चलता रहता है, लेकिन हालात जस के तस नजर आते हैं। यानी सड़कों से लेकर खेतों तक आवारा गोवंशों के झुंड घूम रहे हैं।
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किसान दिवस में गूंजता है आवारा गोवंश का मुद्दा
प्रत्येक माह जिला स्तर पर होने वाले किसान दिवस में निराश्रित गोवंशों का मुद्दा उठाया जाता है। किसान दिवस में डीएम, सीडीओ समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहते हैं। किसानों को हर बार गोवंशों को पकड़ने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया। शुक्रवार को कांधला ब्लॉक में आयोजित किसान दिवस में भी निराश्रित गोवंशों से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाते हुए किसानों ने उन्हें पकड़ने की मांग उठाई है।
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बाबरी क्षेत्र में निराश्रित गोवंश से ग्रामीण परेशान
बाबरी। बाबरी क्षेत्र के गांव हिरनवाड़ा, कैड़ी, बाबरी, सूरजपुर, रघुनाथपुर आदि क्षेत्रों में निराश्रित गोवंशों से ग्रामीण परेशान हैं। बाबरी निवासी किसान पप्पू सैनी ने बताया कि देर रात अपने खेत पर आवारा पशुओं से फसल की निगरानी कर रहा था। इसी दौरान एक गोवंश ने हमला कर दिया अन्य साथियों ने गोवंशों को भगाया, जिसके चलते उसकी जान बच सकी है। हिरनवाड़ा निवासी ठाकुर सुभाष फौजी ने बताया कि निराश्रित गोवंशों से बचाव को दिन रात किसान खेतों में कड़ाके की सर्दी में खेतों में रहने को मजबूर हैं।
खेतों में खड़ी फसलों को नष्ट कर रहे गोवंश
चौसाना। निराश्रित गोवंश खेतों में खड़ी फसलों में घुस जाते हैं और फसलों को खाकर उन्हें खराब कर देते हैं। इस कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों का कहना है कि उन्हें रात के समय खेतों में सिंचाई का काम करना पड़ता है। वहीं फसलों के बचाव के लिए पहरा भी देना पड़ता है। ऐसे समय में खेत में किसान अकेला होता है। किसानों ने प्रशासन से आवारा पशुओं पर लगाम लगाने की मांग की है।
शासन स्तर से जिले को 800 गोवंशाें को संरक्षित करने का लक्ष्य मिला है। जिले में 27 गोशाला हैं। अभी तक लक्ष्य से अधिक 833 गोवंश पकड़कर गोशाला में भेजे जा चुके हैं। गोवंशों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है।
- चंद्रभानू सिंह कश्यप, सीवीओ शामली।
जिले में गोशालाओं की क्षमता बढ़ाने पर विचार चल रहा है। बीडीओ से रिपोर्ट मांगी जा रही है। ग्रामीणों द्वारा लगातार छोड़े जाने से यह समस्या बढ़ी है। गोवंशों को पकड़ने का अभियान चल रहा है।
- विनय कुमार तिवारी, सीडीओ शामली।