संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। हरियाणा की सीमा पर बिड़ौली में यमुना नदी पर निर्माणाधीन दो लेन के पुल पर लिंटर डालने और रेलिंग का निर्माण तेजी से चल रहा है। निर्माण एजेंसी के मुताबिक 31 दिसंबर से पूर्व पुल तैयार हो जाएगा। इस पुल के तैयार होने से पउप्र से हरियाणा, पंजाब और राजस्थान का आवागमन में सुविधा मिलेगी। वाहनों के जाम लगने से मुक्ति मिलेगी।
पश्चिम बंगाल से पाकिस्तान के लाहौर जाने का मेरठ- करनाल हाईवे एक मात्र माध्यम है। मेरठ और अंबाला कैंट सेना के दो बड़े मुख्यालय होने से यह सेना मार्ग माना जाता है। मेरठ- करनाल हाईवे पर हरियाणा के करनाल और शामली जिले बिड़ौली में पहले से यमुना पुल बना है। जाम से मुक्ति के लिए एनएचएआई की ओर से मेरठ बाईपास से लेकर करनाल बाईपास चौड़ीकरण की कार्ययोजना बनाकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भेजी थी। दो साल पहले वहां से एस्टीमेट स्वीकृत होने के बाद एजेंसी हाईवे का निर्माण कर रही है। यमुना नदी पर 5.50 मीटर चौड़े पुल के लिए पिलरों पर गर्डर रखने के बाद लिंटर डाल दिया गया है।
बिड़ौली और करनाल की ओर यमुना नदी पर 400 मीटर से ज्यादा पुल तैयार हो चुका है। 100 से लेकर 150 मीटर लंबाई का पुल निर्माण कार्य अवशेष है। पुल पर रेलिंग निर्माण कार्य चल रहा है। दूसरी ओर, बिडौली कस्बे के तिराहे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का लिंटर कार्य ज्यादातर पूरा चुका है। फ्लाईओवर की एप्रोच रोड यमुना नदी के पुल की ओर से मिट्टी डालकर समतल कर दिया है। निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मेनेजर दया सिंह का कहना है कि अगले छह माह में हाईवे और शामली बाईपास के सभी पुल व फ्लाईओवर का कार्य पूरा हो जाएगा। आगामी 31 मार्च 2023 तक प्रोजेक्ट पूरे करके हैंडओवर कर दिया जाएगा।
सेहटा फ्लाईओवर पर गर्डर रखने का कार्य आज से शुरु होगा
दिल्ली--सहारनपुर हाईवे और शामली बाईपास की निर्माण एजेंसी के प्रबंधक जितेंद्र बालियान ने बताया कि सेहटा के बाईपास के फ्लाईओवर पर आठ गर्डर में से चार रख दिए गए थे। चार गर्डर रखने और लिंटर डालने का कार्य बाकी था। निर्माण एजेंसी की क्रेन आज मौके पर पहुंच गई है। मंगलवार से बाकी गर्डर रखकर सेहटा पुल पर लिंटर डालने का कार्य पूरा किया जाएगा।